सहायक संचालक उद्यान बाना नर्सरी में अवैध पेड़ कटाई व शासकीय भवन के दुरुपयोग की शिकायत पर जांच, भारी अनियमितताएं उजागर
जांच अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न शिकायतों और पाई गई अनियमितताओं पर संबंधित अधिकारी को 2 दिवस के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है।
रायपुर/बाना :उद्यानिकी विभाग के बाना नर्सरी परिसर में नियमों की धज्जियां उड़ाने और सरकारी संपत्ति के निजी इस्तेमाल का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। उद्यानिकी विभाग के शासकीय बाना नर्सरी परिसर स्थित भंडार गृह (स्टोर रूम) को सर्व-सुविधा युक्त निजी शासकीय आवास के रूप में तब्दील करने, शासकीय वृक्षों की अवैध कटाई और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत के बाद वन विभाग की टीम तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से मौका मुआयना किया। जांच के दौरान शिकायत के कई तथ्य सही पाए गए और स्थल पर भारी गड़बड़ियां उजागर हुईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाना नर्सरी परिसर में बिना किसी सक्षम पूर्व प्रशासकीय अनुमति के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई की गई और लकड़ी का गबन किया गया। इसके साथ ही परिसर के भंडार गृह को बिना किसी स्वीकृति के निजी निवास के रूप में रूपांतरित कर सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग किया जा रहा था।
जांच दल ने संबंधित अधिकारी सुश्री मंजू लता बंजारे से शासकीय आवास उपयोग के एवज में मकान किराया भत्ता (HRA) कटौती और शासकीय कागजातों के संबंध में जवाब मांगा। हालांकि, वे मकान भत्ता कटौती का कोई रिकॉर्ड या संबंधित शासकीय दस्तावेज प्रस्तुत करने में पूरी तरह असमर्थ रहीं। प्राथमिक पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि उनके द्वारा मकान किराया भत्ते की नियमानुसार कटौती ही नहीं कराई जा रही थी, जो कि वित्तीय नियमों का सीधा उल्लंघन है।

जांच अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न शिकायतों और पाई गई अनियमितताओं पर संबंधित अधिकारी को 2 दिवस के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने का कड़ा निर्देश दिया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय संपत्ति को निजी जायदाद की तरह इस्तेमाल कर सरकारी संसाधनों का शोषण किया जा रहा है। जांच टीम की इस तत्परता से पूरे विभाग में हड़कंप मच गया है और अब 2 दिन भीतर आने वाले जवाब व आगामी अनुशासनात्मक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज