दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'Satluj' पर भारत में बैन: 48 घंटे में OTT से हटी, पर विदेशों में डाउनलोड्स 374% बढ़े; सोशल मीडिया पर छिड़ी 'लो कर लो ब्लॉक' की जंग

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'Satluj' पर भारत में बैन के बाद मचा बवाल। 48 घंटे में OTT से हटने के बावजूद विदेशों में ZEE5 डाउनलोड्स 374% बढ़े। जानिए जसवंत सिंह खालरा की कहानी पर आधारित इस फिल्म के विवाद की पूरी रिपोर्ट।

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'Satluj' पर भारत में बैन: 48 घंटे में OTT से हटी, पर विदेशों में डाउनलोड्स 374% बढ़े; सोशल मीडिया पर छिड़ी 'लो कर लो ब्लॉक' की जंग

मुंबई/नई दिल्ली: मनोरंजन जगत और राजनीति के गलियारों में इस समय अभिनेता व गायक दिलजीत दोसांझ की नई फिल्म 'Satluj' (सतलज) को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सेंसरशिप की लंबी लड़ाई, बिना किसी बड़े प्रमोशन के 'गुरिल्ला रिलीज' और महज 48 घंटे के भीतर सरकार के आदेश पर लगा बैन—इन तमाम घटनाओं ने इस फिल्म को एक राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। इंटरनेट के इस दौर में इस प्रतिबंध का एक ऐसा अनोखा असर देखने को मिल रहा है, जिसने फिल्म डिस्ट्रीब्यूशन के पारंपरिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।

क्या है 'Satluj' की कहानी और क्यों है इस पर विवाद?

यह फिल्म पंजाब के मशहूर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और 1990 के दशक के अशांत दौर पर आधारित है। खालरा ने उस दौर में पंजाब पुलिस द्वारा किए गए कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और हजारों अज्ञात शवों के अवैध अंतिम संस्कार के मामलों को दुनिया के सामने उजागर किया था, जिसके बाद 1995 में वे रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता हो गए थे। बाद में अदालत ने उनके अपहरण और हत्या के मामले में कई पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया था।

'Punjab 95' से 'Satluj' तक का सफर

  • 127 कट्स की मांग: फिल्म निर्माता हनी त्रेहान ने साल 2022 में इस फिल्म को 'Punjab 95' नाम से सेंसर बोर्ड (CBFC) के पास भेजा था। बोर्ड ने फिल्म के नाम, पंजाब के संदर्भों और मुख्य किरदार की पहचान बदलने समेत करीब 127 कट्स लगाने की मांग की थी।

  • टोरंटो फेस्टिवल से वापसी: इस विवाद के चलते साल 2023 में प्रतिष्ठित 'टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' (TIFF) के प्रीमियर से भी इस फिल्म को हटाना पड़ा था।

  • सरप्राइज OTT रिलीज: थिएटर्स में रिलीज न हो पाने के कारण, मेकर्स ने बिना किसी मार्केटिंग या बड़े प्रोमोशन के 3 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को चुपचाप इसका नाम बदलकर 'Satluj' रखा और इसे ZEE5 ऐप पर लाइव कर दिया।

48 घंटे में बैन: सरकार और ZEE5 का स्टैंड

फिल्म के रिलीज होते ही इसे सोशल मीडिया पर शानदार रिव्यूज मिलने लगे, लेकिन रविवार (5 जुलाई) की शाम तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के निर्देश पर ZEE5 ने इसे भारत में ब्लॉक कर दिया।

सरकारी सूत्रों के अनुसार: फिल्म को IT रूल्स 2021 और सुरक्षा कारणों (Security Concerns) का हवाला देते हुए हटाने का निर्देश दिया गया है। सरकार ने एक इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) बनाई है जो इसकी जांच कर रही है कि क्या इसका कोई हिस्सा देश की संप्रभुता या कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है।

ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वे इस फिल्म की क्रिएटिव विजन के साथ मजबूती से खड़े हैं और भारत में इसे वापस लाने के लिए कानूनी और नियामक विकल्पों (legal avenues) पर विचार कर रहे हैं।

'लो कर लो ब्लॉक' — दिलजीत दोसांझ की खुली चुनौती और रिकॉर्ड डाउनलोड्स

फिल्म पर बैन लगते ही इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक नई बहस छिड़ गई है। दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव आकर इस प्रतिबंध पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

  • मेकर्स को पहले से था अंदेशा: दिलजीत ने साझा किया, "मुझे पता था कि यह सोमवार को दफ्तर खुलते ही बैन हो जाएगी, लेकिन प्रशासन ने इसे रविवार रात को ही ब्लॉक कर दिया। यही वजह थी कि हमने इसका कोई प्रमोशन नहीं किया था। अगर प्रमोशन करते तो यह दो दिन भी नहीं टिक पाती। पर मैं खुश हूं कि फिल्म दर्शकों तक पहुंच गई।"

  • "सबने डाउनलोड कर ली है, अब क्या करोगे?": दिलजीत ने आगे कहा कि इंटरनेट के इस युग में किसी कंटेंट को पूरी तरह मिटाना नामुमकिन है। उन्होंने फैंस से बातचीत में कहा, "लो कर लो ब्लॉक, सबने तो फिल्म डाउनलोड कर रखी है। अब क्या करोगे? जो लोग सोचते हैं कि वे इंटरनेट से कुछ हटा सकते हैं, वे नासमझ हैं।"

विदेशी डाउनलोड्स में 374% का रिकॉर्ड उछाल

हालांकि यह फिल्म भारत में ब्लॉक है, लेकिन अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में यह ZEE5 पर उपलब्ध रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फिल्म को लेकर बने अत्यधिक क्रेज के कारण विदेशों में ZEE5 ऐप के मासिक डाउनलोड्स में 374% की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई है।

इसके अलावा, भारत में बैन होने के चंद घंटों के भीतर ही यह फिल्म पायरेसी साइट्स, टेलीग्राम लिंक्स और व्हाट्सएप पर तेजी से लीक हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेशों के साथ-साथ भारत में भी लोग व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से इसे आपस में धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं।

राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं

इस प्रतिबंध ने पंजाब और देश की राजनीति को भी गरमा दिया है। शिरोमणि अकाली दल (SAD), कांग्रेस और पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं ने फिल्म को हटाए जाने की निंदा की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष हरजंदर सिंह धामी ने कहा कि इतिहास के सच को दबाने का प्रयास कभी सफल नहीं होता। वहीं, इस दौर के पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि यह फिल्म युवाओं को इतिहास का वह सच दिखाने के लिए जरूरी थी जिसे अक्सर सामने नहीं लाया जाता।

दूसरी ओर, फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े निर्देशकों और अभिनेताओं ने इसे 'अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला' बताते हुए मेकर्स का समर्थन किया है। अब देखना यह है कि कानूनी रास्ता अपनाने के बाद क्या भारतीय दर्शक इस फिल्म को दोबारा आधिकारिक तौर पर देख पाएंगे या नहीं।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

अस्वीकरण: यह समाचार रिपोर्ट केवल सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और सोशल मीडिया, मीडिया रिपोर्ट्स व सार्वजनिक बयानों पर आधारित है। यह लेख किसी भी प्रकार की डिजिटल पायरेसी, अवैध डाउनलोडिंग या कॉपीराइट उल्लंघन का समर्थन या प्रचार नहीं करता है। फिल्म 'Satluj' से जुड़े तथ्य, अदालती मामलों के संदर्भ और सरकारी दिशा-निर्देश ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स और आधिकारिक बयानों के अधीन हैं। दर्शकों से अनुरोध है कि वे किसी भी कंटेंट को केवल अधिकृत और कानूनी तौर पर मान्य प्लेटफॉर्म्स पर ही देखें।

कंचन यादव

सह सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़