रायपुर में बुलडोजर कार्रवाई पर बवाल: नकटी से राजभवन तक कांग्रेस की 14 KM लंबी पदयात्रा शुरू, ट्रैफिक रूट बदला
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सियासत पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई के विरोध में और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर राजभवन तक 14 किलोमीटर लंबी विशाल पदयात्रा शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेसी और पीड़ित परिवार हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर मार्च कर रहे हैं।
इस पदयात्रा में पूर्व मंत्री अनिला भेड़िया, पूर्व विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं। कांग्रेसी राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेंगे और विस्थापित परिवारों को नकटी गांव में ही मकान बनाकर देने व उनके पूर्ण पुनर्वास की मांग करेंगे।
सर्विस रोड 5 घंटे के लिए बंद, ट्रैफिक पुलिस की एडवायजरी
पदयात्रा के चलते शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
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बंद रूट: श्रीराम मंदिर तिराहा (करेंसी टॉवर) से लेकर तेलीबांधा थाना तिराहा तक की सर्विस रोड को अगले 5 घंटे के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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वैकल्पिक मार्ग: ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए सर्विस रोड की बजाय मेन रोड (मुख्य मार्ग) का इस्तेमाल करें।
क्या हैं कांग्रेस की प्रमुख मांगें?
कांग्रेस का आरोप है कि नकटी गांव में बिना किसी ठोस व्यवस्था के गरीब परिवारों के आशियानों पर बुलडोजर चला दिया गया। पार्टी राज्यपाल से मिलकर निम्नलिखित मांगें रखेगी:
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पुनर्वास: प्रभावित सभी गरीब परिवारों को नकटी गांव में ही दोबारा घर बनाकर दिया जाए।
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न्याय और मुआवजा: बेघर हुए परिवारों को तत्काल उचित सहायता और न्याय मिले।
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निष्पक्ष जांच: इस पूरी बुलडोजर कार्रवाई की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सड़क से सदन तक घेराव की तैयारी: गौरतलब है कि 29 जून को नकटी गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद से ही कांग्रेस लगातार आक्रामक है। पार्टी ने साफ किया है कि इस मुद्दे को न सिर्फ सड़क पर बल्कि आगामी विधानसभा सत्र में भी प्रमुखता से उठाकर सरकार को घेरा जाएगा।
पदयात्रा को लेकर हुई थी मैराथन बैठक
इस बड़ी राजभवन मार्च की रूपरेखा सोमवार को राजीव भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में तैयार की गई थी। प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने सभी नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी थीं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, प्रदेश महामंत्री दीपक मिश्रा, शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, ग्रामीण अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी और बीरगांव महापौर नंदलाल देवांगन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जो आज कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
कंचन यादव/नारद एक्स्प्रेस न्यूज