नवसृजन मंच की अनूठी पहल: "दो जून की रोटी" कार्यक्रम में साथ बैठे विभिन्न समाज, टिफिन शेयर कर दिया समरसता का संदेश
राजधानी रायपुर की अग्रणी सामाजिक संस्था 'नवसृजन मंच' द्वारा मंगलवार, 2 जून 2026 को एक बेहद अनूठी और सराहनीय पहल की गई। संस्था की ओर से आयोजित “दो जून की रोटी” कार्यक्रम में प्रदेश की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं जनसेवी संस्थाओं के प्रमुख और प्रबुद्ध नागरिक एक मंच पर नजर आए। इस अभिनव आयोजन का मुख्य उद्देश्य आज की व्यस्त जीवनशैली के बीच लोगों में आत्मीयता, भाईचारा और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना था।
हनुमान चालीसा और महाआरती से हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ ऑक्सी जोन स्थित हनुमान मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुआ। इसके बाद सामाजिक संस्थाओं द्वारा लाए गए भोजन, फल और मिठाई का भोग लगाकर भगवान हनुमान की आरती की गई और उपस्थित जनसमुदाय में प्रसाद वितरित किया गया। तत्पश्चात सभी ने चाय-नाश्ते के साथ आपसी संवाद की शुरुआत की।
एक टेबल पर दिखा लघु भारत: शेयर किए घर के बने टिफिन
इस कार्यक्रम की सबसे खूबसूरत और खास बात यह रही कि सभी सहभागी अपने-अपने घरों से टिफिन में अलग-अलग प्रांतों के पारंपरिक व्यंजन बनाकर लाए थे। भोजन के दौरान पूरा माहौल एक पारिवारिक मिलन जैसा नजर आया, जहां भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता साफ झलक रही थी।
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व्यंजनों की बहार: टिफिनों में मिस्सी रोटी, छोले, पुलाव, गुजराती ढोकला, खांडवी, थेपला, कड़बा खीर, आमरस, गुलाब जामुन, आम पना और रायता जैसे कई लजीज व्यंजन शामिल थे।
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सभी ने बेहद प्रेम और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे का भोजन साझा किया और यह संदेश दिया कि भोजन केवल शारीरिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आपसी प्रेम, सहयोग और एकता का सबसे बड़ा प्रतीक है।
संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम: अमरजीत सिंह छाबड़ा
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा ने नवसृजन मंच के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
"आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हमें अपनी उन परंपराओं को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिन्होंने भारतीय समाज को सदियों तक एकजुट रखा है। परिवार और समाज के लोगों का एक साथ बैठकर भोजन करना केवल एक आदत नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।"
उन्होंने आगे जोड़ा कि “दो जून की रोटी” केवल भोजन साझा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह संवाद, सहयोग और सामाजिक चेतना को मजबूत करने का एक बेहतरीन माध्यम है। जब लोग एक साथ बैठकर अपना टिफिन साझा करते हैं, तब विचारों, अनुभवों और अपनत्व का आदान-प्रदान होता है।
गणमान्य नागरिकों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रबुद्ध जनों ने इस पहल को बेहद प्रासंगिक बताते हुए इसे भविष्य में भी निरंतर जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इस ऐतिहासिक अवसर पर छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के कार्यकारी अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सलूजा, किशोर महानंद, कांतिलाल जैन, विनय शर्मा, मनीषा सिंह, डॉ. प्रीति सतपथी, प्रीति दास मिश्रा, निधि झा, शकुंतला श्रीवास, सीमा कांटकर, सोनल शर्मा, अर्चना वोरा, रेखा शर्मा, नंदिनी ढाके, गौरव दुबे, सविता मौर्य, आलोक शर्मा और मैरी सहित रायपुर एवं प्रदेश की कई नामचीन सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
(नारद एक्सप्रेस न्यूज / कंचन यादव)