'गूगल अपडेट' के नाम पर मोबाइल हैक: दुर्ग के ठेकेदार के खाते से पार हुए ₹1.99 लाख, साइबर ठगों ने बनाया निशाना

'गूगल अपडेट' के नाम पर मोबाइल हैक: दुर्ग के ठेकेदार के खाते से पार हुए ₹1.99 लाख, साइबर ठगों ने बनाया निशाना

दुर्ग (मोहन नगर): दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और बेहद शातिराना तरीका अपनाया है। इस बार ठगों ने 'गूगल अपडेट' के नाम पर एक ठेकेदार का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके बैंक खाते से ₹1,99,500 पार कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सामान्य सिस्टम अपडेट समझकर खोला मैसेज, और फोन हो गया हैक

जानकारी के मुताबिक, शंकर नगर (दुर्ग) निवासी महेंद्र कुमार देशलहरा (36 वर्ष), जो पेशे से ठेकेदार हैं, के साथ यह वारदात हुई। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 मई 2026 को उनके मोबाइल पर 'गूगल अपडेट' से संबंधित एक मैसेज आया था। इसे सामान्य सिस्टम अपडेट समझकर उन्होंने जैसे ही मैसेज को ओपन किया, उनका मोबाइल फोन असामान्य तरीके से काम करने लगा। फोन के कई जरूरी सिस्टम अचानक बंद हो गए और स्क्रीन हैंग होने लगी। दरअसल, इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके मोबाइल का पूरा एक्सेस लेकर उनके बैंकिंग ऐप्स तक पहुंच बना ली थी।

दो दिनों में तीन किश्तों में साफ की रकम

पीड़ित के अनुसार, ठगों ने उनके बंधन बैंक के खाते को निशाना बनाते हुए दो दिनों में तीन बार ट्रांजेक्शन किए:

  • 22 मई (सुबह 11:30 बजे): खाते से पहली बार ₹94,999 निकाले गए।

  • 22 मई (सुबह 11:31 बजे): ठीक एक मिनट बाद ₹5,001 और ट्रांसफर कर लिए गए।

  • 23 मई (शाम करीब 4:00 बजे): अगले दिन फिर से खाते से ₹99,500 उड़ा दिए गए।

महेंद्र कुमार ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उनका मोबाइल पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो चुका था और कोई भी कमांड काम नहीं कर रही थी।

साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत, केस दर्ज

लगातार रकम कटने का मैसेज मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मोहन नगर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन के साथ बैंक ट्रांजेक्शन की डिटेल और साइबर कंप्लेंट की कॉपी पुलिस को सौंपी। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की चेतावनी: पुलिस अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों के मुताबिक, साइबर अपराधी अब फर्जी लिंक, सिस्टम अपडेट मैसेज और खतरनाक APK फाइल्स के जरिए लोगों के फोन हैक कर रहे हैं। फोन का एक्सेस मिलते ही ठग बैंकिंग ऐप, गोपनीय पासवर्ड और ओटीपी (OTP) चुरा लेते हैं। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक या अपडेट को बिना जांचे-परखे कभी भी ओपन न करें।

फिलहाल, पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, बैंकिंग ट्रेल और मोबाइल डेटा के आधार पर साइबर ठगों के नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।


रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव / नारद एक्सप्रेस न्यूज