कांकेर: मासूम से दुष्कर्म पर मुस्लिम समाज में आक्रोश, अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग

कांकेर: मासूम से दुष्कर्म पर मुस्लिम समाज में आक्रोश, अपराधियों को कड़ी सजा देने की मांग

कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में छह वर्षीय मासूम बालिका के साथ हुई दुष्कर्म की वीभत्स घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय कृत्य की मुस्लिम समाज ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।

समाज को शर्मसार करने वाली घटना

मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों—लतीफ मेमन और तल्हा खान—ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक छोटी बालिका के साथ ऐसा घृणित अपराध न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पूरे सभ्य समाज के माथे पर कलंक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे असामाजिक तत्वों के लिए समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा देकर एक मिसाल कायम करनी चाहिए।

"अपराधी का कोई धर्म नहीं होता"

समाज के प्रबुद्ध जनों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में अपराधों को धार्मिक चश्मे से देखने की प्रवृत्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा:

"अपराधी की न तो कोई जाति होती है, न धर्म और न ही कोई भाषा। वह केवल एक अपराधी है। जब हम अपराध को धर्म से जोड़ते हैं, तो इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं।"

फास्ट ट्रैक कोर्ट और न्याय की मांग

मुस्लिम समाज ने प्रशासन से मांग की है कि:

  • इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाए ताकि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिल सके।

  • अपराधियों को ऐसी सजा मिले जो भविष्य में किसी भी व्यक्ति की रूह कंपा दे।

संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी करने वाले सदस्य: लतीफ मेनन, तल्हा खान, सलीम मेमन, यासीन कराणी, मतीन खान, हनीफ मेमन, मज़हर हसन दानी, फययाज़ खान, अकील कुरैशी, शाही अशरफ, जुन्नू जुनैद, आयान खान, शम्स रज़ा, अहमद रज़ा एवं अमीन खान।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज