नेट, सेट, पीएचडी युवाओं को सरकार बदल गई नहीं मिली न्याय ।

रायपुर : छत्तीसगढ़ के सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की तैयारी लंबे समय से कर रहे प्रदेश की युवा जो 2019 से अभी तक वैकेंसी नहीं आने से हताश और निराश है शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की रैंकिंग अंतिम पायदान पर है शासकीय महाविद्यालय में 2700 से अधिक पद लगभग 50% सहायक प्राध्यापक के पद रिक्त है छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद मात्र तीन बार 2009,2014,2019 में भर्ती परीक्षा आयोजित की गई है 2019 सहायक पद भर्ती परीक्षा रिश्तेदारों के चयन भाई-भतीजा वाद, लेन-देन, प्रश्न-पत्र में त्रुटि आदि गई विवादों से घिरा रहा जिसकी सीबीआई जांच चल रही है। उस समय युवाओं ने खासा आंदोलन एवं विरोध प्रदर्शन किया था विपक्ष में रह कर हाथों हाथ लेकर न्याय करने की बात कही थी परिणाम स्वरुप बेटा-बेटी की भविष्य खराब होते देख छत्तीसगढ़ के जनता ने सरकार बदलने की ठान ली थी।
सरकार बदलने के बाद लंबे इंतजार तक वैकेंसी नहीं आने से युवाओं का उम्र पार हो रही है पहले भाती अनियमितता से योग्य लोगों का चयन होने से वंचित रह गए अब वैकेंसी नहीं आने से उस पार इराते एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई की स्थिति निर्मित होगी छत्तीसगढ़ सरकार से जल्द से जल्द रिक्त पदा को भरने एवं उम्र सीमा में सिर्फ एक बार के लिए छूट की गुहार लगा रहे है आज छत्तीसगढ़ भर के नेट सेट. पी. एचडी युवा अलग-अलग स्थानों से रायपुर में एकत्र होकर सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के संबंध में निवेदन ज्ञापन दिया गया जिसमें प्रदेश के अलग अलग जिलो से गांव तहसील से एक जुट होकर युवाओं ने मांग रखी जिनमें मुख्य रूप से दलगंजन सिंह, होरीलाल यादव, क्षमता सिंह राजपूत, भारती सिंह, नरेश कुमार, कविता ठाकुर, तरूण कुमार गोपाल, रैन सिंह कांगे, शेष नारायण, हेमंत कमलेश विकास दास महंत, डेविड संदीप साहू, राजेश वर्मा श्वेता ताम्रकर आदि एकत्र होकर मुख्यमंत्री महोदय, उच्च शिक्षा मंत्री एवं लोक सेवा आयोग, आयुक्त उच्च शिक्षा विभाग जैसी जिम्मेदार लोगों से मिलकर अपनी परेशानियों से अवगत काराया छत्तीसगढ़ के नेट, सेट, पी. एचडी युवाओं की प्रमुख समस्या इस प्रकार है एवं उन्होंने समस्याओं की निवारण हेतु उचित आधार तथ्य भी दिए है। यह कि प्रदेश के शासकीय महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के 2700 से अधिक लगभग 50% पद रिक्त है। 595 पदों पर प्राध्यापक पदोन्नति एवं सेवानिवृत्त होने से पद और भी रिक्त होंगे। 2019 के बाद अब तक वैकेंसी नहीं निकाली गई है भर्ती परीक्षा की विसंगति से हम सब प्रभावित है लंबे समय से तैयारी कर रहे युवा काफी हताश एवं निराश है। उनकी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित मांग इस प्रकार है-
1. पूर्व में घोषित सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के 2169 पदों पर लोकसेवा आयोग के माध्यम से बैंकसी निकाला जावें।
2. आने वाले वैकेंसी में सिर्फ एक बार के लिए उम्र सीमा 5 वर्ष छूट अर्थात अधिकतम 45 वर्ष के स्थान पर 50 वर्ष किया जाए।
3. सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा पारदर्शिता पूर्वक हो जिससे युवाओं का सरकार के प्रति विश्वास बढ़।
सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा के प्रश्न पत्र गुणवत्ता पूर्ण एवं त्रुटि रहित हो परीक्षा प्रश्न पत्र बनाने वाले का जवाब देही तय हो। 4
5. सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा निश्चित कैलेंडर पर आयोजित कर पूर्ण किया जावें।
6. सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा सभी विषय जैसे होम साइंस लाइब्रेरी एवं कीडा अधिकारी पर विांची निकाला जावें।
उपरोक्त मांगों के संबंध में अधोलिखित तथ्य विचारार्थ सादर प्रस्तुत है-
1. प्रथम मांग के संबंध में तथ्य यह है कि छत्तीसगढ़ शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ा राज्य है शासकीय महाविद्यालय में 18 से 25 वर्ष के स्थानीय युवा अध्यनरत है जहां कुल स्वीकृत पदों का लगभग 50% पद रिक्त है अतिथि शिक्षकों के द्वारा अध्यापन वैकल्पिक व्यवस्था है जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं शोधकार्य प्रभावित हो रहा है बावजूद नेट, सेट, पी.एचडी युवा लंबे समय से सहायक प्राध्यापक गर्ती परी की तैयारी गांव से शहरों में आकर कर रहे हैं परिवार अतिरिक्त आर्थिक भार वहन कर रहा विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री की ओर से 2169 पदों पर जल्द भर्ती करने का आश्वासन दो वर्ष पूर्व दिया गया था। इसलिए 2169 पद पर जल्द से जल्द भर्ती करने की कृपा करें। वर्तमान में 700 सदा पर भर्ती होने की घोषणा की गई है लंबे समय अंतराल में वैकेंसी आना और इतने कम पदों पर जय वैकेंसी आएगी जो विषय वार, श्रेणी वार आबंटित होने पर युवाओं के साथ अन्याय से कम नहीं है।
2. द्वितीय मांग के संबंध में तथ्य यह है कि 2019 में सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की वैकेंसी पूर्व सरकार के कार्यकाल में निकाली गई थी उक्त भर्ती में कई अनियमितता जैसे रिश्तेदारों का चयन प्रश्न पत्र में त्रुटि, लेन देन आदि विवादों से घिरा रहा जिससे प्रदेश के युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया था अपने बच्चों के भविष्य खराब होते देख छत्तीसगढ़ के जनता ने सरकार बदलने की ठान ली थी परिणाम स्वरुप सरकार में आप लोग हैं इस परीक्षा में कई योग्य लोग चयन होने से वंचित रह गए थे। जिसका सीबीआई जांच भी चल रही है। परंतु युवाओं के लिए एक तरफ कुआ एक तरफ खाई की स्थिति हो गई है। वर्तमान भर्ती परीक्षा जल्द से जल्द आयोजित किया जाये हम लगातार मंत्री एवं अधिकारियों से मिलते है आश्वासन देकर गुमराह किया जाता है उच्च शिक्षा विभाग को किसी भी स्थिति में चुनावी योजना न बनाई जाये इससे राज्य की मूलभूत उच्च शिक्षा व्यवस्था पर कुठाराघात होती है साथ में वर्षों से मेहनत करने वालो का उम्र सीमा निकल जाने से मानसिक एवं सामाजिक प्रताड़ना का शिकार होते है जो समाज हित, राज्यहित, राष्ट्रहित के लिए सही नहीं है। क्योंकि 2019 के बाद आज तक वैकेंसी नहीं आने से पूर्व में वंचितों का उम्र सीमा पार हो रही है छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को अंतरिम राहत स्वरूप सिर्फ एक बार के लिए उम्र सीमा अधिकतम 45 वर्ष के स्थान पर 50 वर्ष करना न्यायोचित होगा।
3. तृतीय मांग के संबंध में तथ्य है कि पूर्व में लोक सेवा आयोग सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा विभिन्न विवादों में घिरी रही जिससे नेट, सेट, पी.एचडी, गोल्ड मेडलिस्ट प्रतिभावान युवा चयन होने से वचित हो जान से भावी पीढ़ी में नकारात्मक असर पड़ता है क्योंकि प्रतिभावान युवा रोल मॉडल होते हैं उमवा साथ हो रहे अन्याय का समाज में संदेश जाता है इसलिए आगामी परीक्षा पारदर्शिता पूर्वक हो जिस भाई, भतीजाबाद रिश्वत लेनदेन आदि से मुक्त हो।
4. चतुर्थ मांग के संबंध में तथ्य यह है कि पूर्व में सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में प्रश्न पत्रों में भारी त्रुटि थी कई प्रश्न विलोपित करना पड़ा था चयन में जहां एक अंक भी बहुत मायने रखता है बावजूद10 से अधिक प्रश्न गलत पाए गए थे जो चयन में गड़बड़ी के लिए पर्याप्त है प्रश्न पत्र सेट करने वाले विषय विशेषज्ञ पर जवाब देही तय हो जिससे जिम्मेदारी पूर्वक प्रश्न पत्र सेट किया जाये परीक्षा का गुणवत्ता बना रहे लोकसेवा आयोग एवं सरकार पर विश्वास बना रहे।
5. पंचम मांग का आधार यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के पश्चात सिर्फ तीन बार सहायक प्राध्यापक मर्ती परीक्षा विकेंसी निकली है जबकि रिक्त पदों की सख्या बहुत है महाविद्यालय में पीएससी के माध्यम पा योग्य लोग चयनित होने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगा नेट, सेट, पी.एचडी लोगों के चयन से शोध कार्यक प्रति में गति आएगी पिछले 25-26 वर्षों में 2009, 2014, 2019 मात्र तीन बार एक कार्यकाल में सरकार मुश्किल से एक बार भर्ती कर पाई है। जबकि नेट, सेट, पी.एचडी योग्यता वाले युवाओं की संख्या बहुत अधिक है पड़ोसी राज्यों में 2019 के बाद 2 से 3 बार सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा हो रही है अधांत युवाओं के लिए अच्छा संदेश नहीं है कृपया राज्य सेवा भर्ती परीक्षा 2011 से प्रत्येक वर्ष 26 नवंबर का वैकेंसी प्रारंभ हुई है उसी के तर्ज में सरकार से उम्मीद है कि सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा भी निश्चित कैलेंडर पर हो जिससे वैकेंसी, नोटिफिकेशन, परीक्षा, मॉडल आंसर, साक्षात्कार, चयन सूची, नियुक्ति निश्चित समय सीमा कैलेंडर पर हो जिससे युवाओं में उच्च शिक्षा के प्रति उत्साह बना रहे।
6. षष्ठम मांग का आधार यह है कि होम साइंस और अन्य विषय से नेट सेट पी.एच.डी. अभ्यार्थी अपने अंतिम उम्र सीमा तक सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा की तैयारी में लगे है यदि सभी विषयों पर विकसी नहीं आती है तब उन्हे भविष्य खराब होने का चिंता सता रही है।
सह संपादक, कंचन यादव
नारद एक्सप्रेस न्यूज