होम लोन के नाम पर 3 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाला फर्जी कंपनी का संचालक गिरफ्तार, शिक्षिका समेत 9 लोगों को बनाया शिकार

होम लोन के नाम पर 3 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाला फर्जी कंपनी का संचालक गिरफ्तार, शिक्षिका समेत 9 लोगों को बनाया शिकार

अंबिकापुर (गांधीनगर): होम लोन दिलाने के नाम पर एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी फाउंडेशन के संचालक ने शिक्षिका सहित 9 लोगों से 3 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। गांधीनगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी खुद को 'अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप' कंपनी का संचालक बताता था।

'60% रकम जमा करो, किस्त कंपनी भरेगी' का दिया झांसा

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सरगवां की रहने वाली दिव्या एक्का (पति पंकज लकड़ा), जो बलरामपुर जिले के राजपुर ब्लॉक में शिक्षिका हैं, वर्ष 2024 में जमीन खरीदकर घर बनाने के लिए लोन लेना चाहती थीं। इसी दौरान एक परिचित के माध्यम से उनका संपर्क बलरामपुर निवासी आरोपी शिवशंकर दास से हुआ।

आरोपी ने शिक्षिका को अपनी झांसे में लेते हुए एक 'विशेष स्कीम' का लालच दिया। उसने दावा किया:

"यदि लोन की कुल राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा उसकी कंपनी में जमा किया जाता है, तो लोन की मासिक किस्त (EMI) पूरी तरह से कंपनी ही जमा करेगी।"

विभिन्न बैंकों से पास कराया 41 लाख का लोन

आरोपी ने शिक्षिका से व्हाट्सएप पर जरूरी दस्तावेज मंगाए और बैंक ऑफ इंडिया में केवल फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद आरोपी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अलग-अलग बैंकों से कुल 41.08 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराकर शिक्षिका के खाते में ट्रांसफर करवा दिया। लोन आते ही आरोपी ने समझौते के तहत 60% रकम जमा करने का दबाव बनाया, जिसके बाद पीड़िता ने अलग-अलग तारीखों में कुल 28 लाख रुपये आरोपी के खातों में ट्रांसफर कर दिए।

क्रशर कारोबार में घाटे के कारण रची साजिश

जब शिक्षिका को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने इसी मई माह में गांधीनगर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपी शिवशंकर दास (40 वर्ष, निवासी ग्राम किशुनपुर, धौरपुर) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

  • आरोपी का कबूलनामा: आरोपी ने स्वीकार किया कि वह एक क्रशर का संचालन करता है। कारोबार में भारी नुकसान होने के कारण उसे पैसों की सख्त जरूरत थी।

  • ऐसे छिपाया अपराध: उसने पीड़िता से लिए गए 28 लाख रुपये में से शुरुआती कुछ महीनों की किस्तें बैंक में जमा कीं ताकि किसी को शक न हो।

कुल 9 लोगों से 3 करोड़ की ठगी

पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि आरोपी शिवशंकर दास और उसके सहयोगियों ने मिलकर केवल शिक्षिका ही नहीं, बल्कि इलाके के अन्य 9 लोगों को भी इसी फर्जी स्कीम का शिकार बनाया है। इन सभी से कुल मिलाकर 3 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है और मामले से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।

मयंक श्रीवास्तव

चीफ एडिटर/नारद एक्स्प्रेस न्यूज