'बिरहोर जननायक' पुस्तक का विमोचन: जशपुर के पद्मश्री जागेश्वर यादव के संघर्षों की गाथा अब दुनिया के सामने

'बिरहोर जननायक' पुस्तक का विमोचन: जशपुर के पद्मश्री जागेश्वर यादव के संघर्षों की गाथा अब दुनिया के सामने

रायपुर/जशपुर | छत्तीसगढ़ के गौरव और 'बिरहोरों के भाई' के रूप में विख्यात पद्मश्री जागेश्वर यादव जी के जीवन और उनके सेवा कार्यों पर आधारित पुस्तक ‘बिरहोर जननायक’ का आज विधिवत विमोचन किया गया। यह पुस्तक डॉ. लोकेश पटेल द्वारा लिखी गई है, जो नई पीढ़ी को समाज सेवा और संवेदनशीलता का पाठ पढ़ाएगी।

कौन हैं जागेश्वर यादव?

जशपुर जिले के रहने वाले जागेश्वर यादव जी ने अपना पूरा जीवन विलुप्त होती विशेष पिछड़ी जनजाति 'बिरहोर' के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया है।

  • मिशन: उन्होंने जंगलों में घूम-घूमकर बिरहोर परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया।

  • पद्मश्री सम्मान: उनके निस्वार्थ समर्पण के लिए भारत सरकार ने उन्हें 'पद्मश्री' से अलंकृत किया है।

क्या खास है इस पुस्तक में?

‘बिरहोर जननायक’ केवल एक जीवनी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष और अटूट प्रतिबद्धता का दस्तावेज है।

  1. नेतृत्व का उदाहरण: पुस्तक बताती है कि कैसे एक सरल व्यक्तित्व वाला व्यक्ति अपनी संवेदनशीलता से समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।

  2. संघर्ष की यात्रा: इसमें उनके शुरुआती दिनों के संघर्षों और बिरहोर समाज के बीच विश्वास पैदा करने की चुनौतियों का विस्तृत वर्णन है।

  3. युवाओं के लिए प्रेरणा: लेखक डॉ. लोकेश पटेल ने इस कृति के माध्यम से नई पीढ़ी को समाज के प्रति उत्तरदायी बनने की दिशा दिखाई है।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

पुस्तक के विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जागेश्वर यादव जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व सेवा से ही जन्म लेता है। उन्होंने लेखक डॉ. लोकेश पटेल को इस महत्वपूर्ण दस्तावेज को सामने लाने के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

कंचन यादव 

सह सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़