फर्जी नियुक्ति CSPDCL में नौकरी का झांसा देकर 10 लाख की ठगी: दुर्ग पुलिस ने 24 घंटे में महिला को दबोचा
दुर्ग | 22 मार्च,2026: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। थाना पदमनाभपुर पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने CSPDCL (विद्युत विभाग) में अधिकारी बनाने का सपना दिखाकर एक युवती से लाखों रुपये ऐंठ लिए थे।
क्या है पूरा मामला?
भिलाई निवासी 29 वर्षीय पायल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साल 2023 में उसकी मुलाकात प्रिया देशमुख नामक महिला से हुई थी। प्रिया ने उसे छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी में असिस्टेंट इंजीनियर (AE) के पद पर सीधी भर्ती कराने का लालच दिया। इसके बदले 20 लाख रुपये का सौदा तय हुआ, जिसमें से 10 लाख रुपये एडवांस के तौर पर ले लिए गए।
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने पूरी "प्लानिंग" की थी:
मंत्रालय का फर्जी लिंक: मुख्य आरोपी प्रिया ने पायल को रजत गुप्ता नामक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को मंत्रालय का कर्मचारी बताया।
सर्किट हाउस में 'जॉइनिंग': नवंबर 2023 में रायपुर सर्किट हाउस में बुलाकर प्रार्थिया को बकायदा एक फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
शिकायत मिलने के तुरंत बाद पदमनाभपुर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज किया। धारा 420, 467, 468 और 120(बी) के तहत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी प्रिया देशमुख को गिरफ्तार कर लिया।
बरामदगी: पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी नियुक्ति पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए हैं। फिलहाल दूसरे आरोपी रजत गुप्ता की तलाश जारी है।
दुर्ग पुलिस की सावधान रहने की अपील
दुर्ग पुलिस ने इस घटना के बाद आम जनता के लिए चेतावनी जारी की है:
सरकारी नौकरियों के लिए कभी भी पैसे का लेन-देन न करें।
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा दिए गए नियुक्ति पत्र का संबंधित विभाग से सत्यापन जरूर कराएं।
संदेह होने पर तुरंत अपने नजदीकी थाने में सूचना दें।
मयंक श्रीवास्तव
मुख्य संपादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज