सरगुजा में मुख्यमंत्री की बड़ी हुंकार: 'धरती आबा' योजना से संवरेगी 6,600 गांवों की सूरत, किसानों को फसल विविधीकरण का मंत्र
"मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा में 'धरती आबा योजना' का किया जिक्र, जिससे छत्तीसगढ़ के 6,600 गांवों का होगा विकास। साथ ही कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को धान के बदले दलहन-तिलहन उगाने की दी सलाह। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।"
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सरगुजा प्रवास पर रहे, जहां उन्होंने विशाल 'किसान सम्मेलन' को संबोधित करते हुए प्रदेश के कृषि परिदृश्य और ग्रामीण विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आदिवासी समुदायों के सर्वांगीण विकास और किसानों की आय दोगुनी करने के रोडमैप को जनता के सामने रखा।

'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' का शंखनाद
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' पर विशेष जोर दिया।
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गांवों का कायाकल्प: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 6,600 से अधिक आदिवासी बहुल गांवों का चयन किया गया है।
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बुनियादी सुविधाओं का विस्तार: इन गांवों में सड़क, बिजली, शुद्ध पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को संतृप्ति (Saturation) स्तर पर ले जाया जाएगा।
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आदिवासी स्वाभिमान: सीएम ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा के विजन को आगे बढ़ाते हुए सरकार अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि मंत्री की चेतावनी: "गिरता भू-जल स्तर भविष्य के लिए खतरा"
कार्यक्रम में मौजूद प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंधाधुंध धान की खेती और अत्यधिक दोहन के कारण सरगुजा सहित पूरे प्रदेश में भू-जल स्तर (Ground Water Table) तेजी से नीचे जा रहा है।
मंत्री नेताम ने किसानों को निम्न कृषि सलाह दी:
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फसल चक्र परिवर्तन: उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे केवल धान पर निर्भर न रहें।
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वैकल्पिक खेती: धान के स्थान पर दलहन (दालें), तिलहन (तेल बीज) और मक्के की खेती अपनाएं। ये फसलें कम पानी में बेहतर मुनाफा देने में सक्षम हैं।
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मृदा स्वास्थ्य: फसल विविधीकरण से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी।
किसानों को सौगातों की बौछार
मुख्यमंत्री ने इस दौरे के दौरान सरगुजा संभाग के विकास के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी की 'गारंटी' के तहत किसानों को धान का बकाया बोनस और ₹3,100 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।
"हमारी सरकार किसानों के पसीने की कीमत जानती है। 'धरती आबा' योजना केवल एक नाम नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वनवासी अंचलों के भाग्य बदलने का संकल्प है।" — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़
कंचन यादव
सह सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़