हनुमान जन्मोत्सव: भक्ति के रंग में रंगी राजधानी, रायपुर के प्राचीन मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
रायपुर। पवनपुत्र हनुमान जी के जन्मोत्सव पर आज छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पूरी तरह भक्तिमय हो गई है। 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयघोष से शहर की गलियां गूंज उठी हैं। तड़के 4 बजे से ही मंदिरों के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। शहर के एक हजार से अधिक मंदिरों में अभिषेक, चोला श्रृंगार और महाआरती का सिलसिला जारी है।
प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं, क्योंकि शाम को निकलने वाली भव्य शोभायात्राओं में हजारों की संख्या में भक्तों के जुटने की उम्मीद है।
रायपुर के इन प्राचीन मंदिरों में है विशेष उल्लास
राजधानी में कई ऐसे ऐतिहासिक हनुमान मंदिर हैं, जिनकी अपनी विशेष मान्यताएं और पौराणिक महत्व हैं। यहाँ जन्मोत्सव का नजारा देखते ही बनता है:
1. दूधाधारी मठ (संकट मोचन हनुमान)
शहर के सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक स्थलों में शुमार दूधाधारी मठ में सुबह से ही विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं।
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विशेषता: यह मंदिर लगभग 400 साल पुराना माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की हनुमान प्रतिमा स्वयंभू है।
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आयोजन: यहाँ भगवान का दुग्धाभिषेक किया गया और भक्तों के बीच विशेष 'मठ के प्रसाद' का वितरण हो रहा है।
2. गुढ़ियारी का मारुति मंगल संस्थान
रायपुर के गुढ़ियारी स्थित यह मंदिर अपनी भव्यता और अखंड रामायण पाठ के लिए प्रसिद्ध है।
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विशेषता: यहाँ दक्षिणमुखी हनुमान की प्रतिमा है, जिन्हें बेहद जागृत माना जाता है।
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आयोजन: जन्मोत्सव पर यहाँ सवा क्विंटल लड्डुओं का भोग लगाया गया है और देर शाम भव्य महाआरती का आयोजन होगा।
3. पुरानी बस्ती का पंचमुखी हनुमान मंदिर
ऐतिहासिक पुरानी बस्ती स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में पांच रूपों वाले बजरंगबली के दर्शन हेतु लंबी कतारें लगी हैं।
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विशेषता: मान्यता है कि यहाँ दर्शन मात्र से सभी ग्रहों के दोष दूर हो जाते हैं।
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आयोजन: मंदिर परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ चल रहा है।
4. वीआईपी रोड स्थित श्री राम मंदिर (हनुमान धाम)
आधुनिक वास्तुकला और प्राचीन परंपराओं के संगम वाले इस मंदिर में भी उत्सव का माहौल है।
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विशेषता: यहाँ हनुमान जी की विशाल प्रतिमा स्थापित है जो पूरे क्षेत्र के आकर्षण का केंद्र है।
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आयोजन: यहाँ लेजर लाइट शो और पुष्प वर्षा के साथ जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।
दिनभर होंगे ये विशेष आयोजन
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महाभंडारा: शहर के प्रमुख चौराहों और मंदिरों के बाहर विशाल भंडारों का आयोजन किया गया है, जहाँ श्रद्धालुओं को हलवा, पूरी और बूंदी का प्रसाद बांटा जा रहा है।
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शोभायात्रा: दोपहर बाद शहर के विभिन्न क्षेत्रों से गाजे-बाजे और झांकियों के साथ भव्य शोभायात्राएं निकाली जाएंगी, जो मुख्य मार्गों से होते हुए गुज़रेंगी।
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सुंदरकांड का गान: शाम होते ही पूरा शहर सुंदरकांड और हनुमान चालीसा की चौपाइयों से सराबोर हो जाएगा।
श्रद्धा का संदेश: रायपुर की यह परंपरा रही है कि यहाँ हर धर्म और वर्ग के लोग इस उत्सव में सहभागी बनते हैं, जो शहर की 'गंगा-जमुनी' तहजीब और अटूट श्रद्धा को दर्शाता है।
कंचन यादव
सहसंपादक