पश्चिम बंगाल:दीदी के गढ़ में सन्नाटा,भाजपा खेमे में हलचल
1. पश्चिम बंगाल: 'दीदी' के गढ़ में सन्नाटा, भाजपा खेमे में हलचल
पश्चिम बंगाल में इस बार चुनावी समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। शुरुआती रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) बहुमत के आंकड़े की ओर बढ़ती दिख रही है।
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कोलकाता (TMC ऑफिस): कालीघाट और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के मुख्यालय पर सुबह से ही खामोशी छाई हुई है। जो ऑफिस कभी समर्थकों की भीड़ और नारों से गूंजता था, वहां अब केवल इक्का-दुक्का सुरक्षाकर्मी और उदास चेहरे नजर आ रहे हैं।
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भाजपा हेडक्वार्टर (दिल्ली और बंगाल): भाजपा के दिल्ली स्थित मुख्यालय और कोलकाता कार्यालय में भारी उत्साह है। यहां कार्यकर्ताओं के लिए गर्मागरम पूरी-जलेबी और 'मिष्टी दोई' का प्रबंध किया गया है। जीत की संभावना को देखते हुए सुबह 4 बजे से ही हलवाई काम पर लग गए थे।
2. केरल: 'लाल किला' दरका, कांग्रेस (UDF) का जोरदार कमबैक
केरल की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। दशकों से सत्ता में बदलाव की परंपरा को तोड़ते हुए पिछले दो बार से शासन कर रही LDF को इस बार कांग्रेस नेतृत्व वाले UDF से कड़ी टक्कर मिली है।
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जश्न का माहौल: तिरुवनंतपुरम स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न शुरू कर दिया है। रुझानों में कांग्रेस गठबंधन को 140 में से 100 के करीब सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है।
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बड़े चेहरे पीछे: चौंकाने वाली खबर यह है कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन खुद अपने पारंपरिक गढ़ धर्मडम से शुरुआती राउंड में पीछे चल रहे हैं, जिससे लेफ्ट समर्थकों में मायूसी है।
3. तमिलनाडु और असम: कहीं 'सुपरस्टार' का जादू, कहीं भगवा बरकरार
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तमिलनाडु: यहां सबसे बड़ा उलटफेर अभिनेता से नेता बने विजय (TVK) की पार्टी करती दिख रही है। उन्होंने DMK और AIADMK जैसे स्थापित दलों को कड़ी चुनौती दी है और बहुमत की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
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असम: राज्य में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा (NDA) एक बार फिर पूर्ण बहुमत की ओर है। यहां कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन काफी पीछे छूट गया है।
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राज्य कुल सीटें रुझान/परिणाम की स्थिति माहौल पश्चिम बंगाल 294 भाजपा बहुमत के करीब जश्न (BJP), सन्नाटा (TMC) केरल 140 कांग्रेस (UDF) की भारी बढ़त ढोल-नगाड़े और जश्न असम 126 भाजपा (NDA) की वापसी पूरी-जलेबी और मिठाइयाँ तमिलनाडु 234 विजय (TVK) की बड़ी छलांग समर्थकों का उत्साह
- निष्कर्ष: इन चुनावी नतीजों ने साबित कर दिया है कि जनता का मूड कभी भी बदल सकता है। जहां बंगाल में 'परिवर्तन' की लहर दिख रही है, वहीं केरल ने सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) पर मुहर लगाई है। फिलहाल काउंटिंग जारी है और अंतिम आंकड़ों के साथ तस्वीर और साफ होगी।
कंचन यादव
सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज