देशभर के करोड़ों मोबाइल फोंस पर एक साथ गूंजी 'बीप': भारत ने सफलतापूर्वक किया 'इमरजेंसी अलर्ट' सिस्टम का परीक्षण
नई दिल्ली: भारत ने आज आपदा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्वदेशी 'सेल ब्रॉडकास्ट मैसेजिंग सिस्टम' का सफल परीक्षण किया। शनिवार सुबह ठीक 11:41 बजे देश के करोड़ों नागरिकों के मोबाइल फोन एक तेज़ बीप की आवाज़ और कंपन के साथ बज उठे, जिसने लोगों को भविष्य की आपदाओं के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।
क्या था यह अलर्ट?
यह परीक्षण दूरसंचार विभाग (DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस सिस्टम का मुख्य उद्देश्य भूकंप, बाढ़ या सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय नागरिकों को तत्काल और सटीक जानकारी देकर उनकी जान बचाना है।
परीक्षण की मुख्य बातें:
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तेज़ बीप और फ्लैश मैसेज: जैसे ही अलर्ट ट्रिगर हुआ, मोबाइल फोन में करीब 10 सेकंड तक तेज़ आवाज़ आई। फोन साइलेंट मोड पर होने के बावजूद यह बीप सुनाई दी।
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स्वदेशी तकनीक: यह पूरी तरह भारत में विकसित तकनीक पर आधारित है, जो बिना इंटरनेट के भी सीधे मोबाइल टावरों के जरिए मैसेज भेजने में सक्षम है।
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पूर्व सूचना: सरकार ने पहले ही सूचित कर दिया था कि 2 मई को इस सिस्टम की टेस्टिंग की जाएगी, ताकि नागरिक अचानक आई आवाज़ से घबराएं नहीं।
कुछ फोंस पर क्यों नहीं आया मैसेज?
परीक्षण के दौरान यह देखा गया कि कुछ यूज़र्स को यह अलर्ट प्राप्त नहीं हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, जिन मोबाइल फोंस में 'Wireless Emergency Alerts' की सेटिंग्स 'OFF' थी, वहां यह संदेश नहीं पहुंचा। इसके अलावा, पुराने सॉफ्टवेयर वर्जन वाले फोंस में भी तकनीकी बाधाएं देखी गईं।
सरकार का उद्देश्य: सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम के जरिए सरकार किसी विशेष भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद सभी लोगों को एक साथ संदेश भेज सकती है। इसके लिए मोबाइल नंबर की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि टावर की रेंज में मौजूद हर सक्रिय हैंडसेट पर यह सूचना फ्लैश हो जाती है।
कैसे चेक करें अपने फोन की सेटिंग?
यदि आपको यह अलर्ट नहीं मिला, तो आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर इसे ऑन कर सकते हैं:
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फोन की Settings में जाएं।
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Safety & Emergency या Notifications पर क्लिक करें।
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Wireless Emergency Alerts विकल्प को खोजें और इसे 'Allow Alerts' पर सेट करें।
निष्कर्ष: इस सफल परीक्षण के साथ ही भारत अब उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जिनके पास अपना आधुनिक आपदा चेतावनी तंत्र है। भविष्य में यह तकनीक संकट के समय सूचना तंत्र की रीढ़ साबित होगी।
प्रेमप्रकाश साहू
संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज