नगर निगमों पर 'आप' की नजर: बूथ स्तर पर मोर्चाबंदी

नगर निगमों पर 'आप' की नजर: बूथ स्तर पर मोर्चाबंदी

रायपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक में मुकेश अहलावत ने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी चुनावी समर के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। बैठक का मुख्य केंद्र संगठन की मजबूती और निकाय चुनाव रहे।

रणनीति के मुख्य बिंदु:

  • शत-प्रतिशत भागीदारी: पार्टी प्रदेश की सभी नगर निगम सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

  • संगठन का विस्तार: बूथ स्तर से लेकर लोकसभा स्तर तक संगठन को पुनर्गठित और मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

  • केजरीवाल-सिसोदिया फैक्टर: अहलावत ने कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के आरोपों से मुक्त होने के बाद कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।

  • बुनियादी मुद्दे: चुनाव में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी और रोजगार जैसे 'आप' के कोर एजेंडे को प्रमुखता दी जाएगी।


'छत्तीसगढ़ बचाओ' का नारा और जनसंपर्क

मुकेश अहलावत ने कार्यकर्ताओं को केवल चुनावी तैयारियों तक सीमित न रहने को कहा, बल्कि जनता के बीच जाकर मौजूदा सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करने पर भी जोर दिया।

"आम आदमी पार्टी ईमानदार राजनीति का विकल्प है। हमें 'छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा' और 'किसान न्याय जनसभा' जैसे कार्यक्रमों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुँचाना है।" — मुकेश अहलावत, सह-प्रभारी (छत्तीसगढ़)

कार्यक्रम मुख्य उद्देश्य लक्षित समूह
छत्तीसगढ़ बचाओ यात्रा स्थानीय समस्याओं और भ्रष्टाचार को उजागर करना आम नागरिक
किसान न्याय जनसभा किसानों की मांगों और समस्याओं पर आवाज उठाना ग्रामीण एवं कृषक वर्ग
बूथ संवाद संगठन को निचले स्तर पर सक्रिय करना

पार्टी कार्यकर्ता

आम आदमी पार्टी की इस सक्रियता ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। अब देखना यह होगा कि दिल्ली और पंजाब का चुनावी मॉडल छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में कितना असर दिखाता है।

कंचन यादव 

सह संपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज