नियमों की अनदेखी पर परिवहन विभाग सख्त: परमिट होंगे निरस्त, अवैध फिटनेस सेंटरों पर होगी FIR
रायपुर। छत्तीसगढ़ में यात्री बसों के मनमाने संचालन, टैक्स चोरी और नियमों की अनदेखी पर परिवहन विभाग ने अब पूरी तरह कमर कस ली है। यात्रियों से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद बुधवार को परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश और अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने विभागीय अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में साफ चेतावनी दी गई कि नियमों को ताक पर रखने वाले बस संचालकों और बकाया टैक्स न देने वालों के खिलाफ प्रदेशव्यापी सख्त अभियान चलाया जाएगा।
1. रूट और टाइमिंग बदली तो छिेनेगा परमिट, नया ऑपरेटर होगा नियुक्त
बैठक में निर्णय लिया गया कि परमिट लेने के बाद भी अगर कोई बस निर्धारित मार्ग (रूट), समय-सारणी (टाइमिंग) का पालन नहीं करती है, तो उसका परमिट तत्काल निरस्त कर भारी जुर्माना वसूला जाएगा। यही नहीं, उस रूट पर किसी दूसरे योग्य संचालक को नया परमिट जारी कर दिया जाएगा।
कड़ी कार्रवाई: बसों में ज्वलनशील या प्रतिबंधित सामान ले जाने और मालवाहकों में अवैध रूप से सामानों का परिवहन करने पर सीधे FIR दर्ज कर वाहन को जब्त किया जाएगा।
2. बकाया टैक्स वसूली के लिए उड़नदस्ता और चेकपोस्ट अलर्ट
राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले बकायादारों पर शिकंजा कसने के लिए सभी चेकपोस्ट और उड़नदस्तों को डिफाल्टरों की सूची सौंप दी गई है। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
3. ई-चालान में राहत: RTO में बनेंगे विशेष काउंटर
आम जनता को बड़ी राहत देते हुए विभाग ई-चालान प्रणाली को और सरल व पारदर्शी बनाने जा रहा है।
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सभी आरटीओ (RTO) कार्यालयों में इसके लिए विशेष काउंटर बनाए जाएंगे।
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जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि यदि किसी वाहन का गलत तरीके से ई-चालान कटा है, तो उसकी तुरंत जांच कर उसे निरस्त किया जा सके।
4. अधिकारियों की निगरानी में ड्राइविंग टेस्ट, अवैध फिटनेस सेंटरों पर गाज
अब ड्राइविंग लाइसेंस (DL) टेस्ट और वाहनों की फिटनेस जांच पूरी तरह अधिकृत अधिकारियों की सीधी निगरानी में होगी। इस दौरान दुर्ग के एक ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध रूप से फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का मामला सामने आने पर, सचिव ने उक्त सेंटर, वाहन मालिक और वेंडर के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
असर और निष्कर्ष
परिवहन विभाग के इस चौतरफा एक्शन से साफ़ है कि अब व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इन कदमों से जहाँ एक ओर टैक्स चोरी पर लगाम लगेगी और सरकारी राजस्व में सुधार होगा, वहीं दूसरी ओर सड़कों पर यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित, अनुशासित और सुविधाजनक हो सकेगा।
कंचन यादव /नारद एक्स्प्रेस न्यूज