पांडुका में खाद की किल्लत से आक्रोशित किसानों का चक्का जाम, 6 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
पांडुका: क्षेत्र के किसान इन दिनों खाद की भारी किल्लत से जूझ रहे हैं, जिसके विरोध में शनिवार को सैकड़ों किसानों ने पांडुका में चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
किसानों की 6 प्रमुख मांगें: प्रदर्शनकारी किसानों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए 6 सूत्रीय मांगें रखी हैं:
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क्षेत्र की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाए।
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किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद का वितरण सुनिश्चित हो।
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खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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खाद वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाए।
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जरूरतमंद किसानों को प्राथमिकता के आधार पर खाद मिले।
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खाद संकट को दूर करने के लिए विशेष आपूर्ति अभियान चलाया जाए।
7 दिनों का आश्वासन मौके पर पहुंचे छुरा के नायब तहसीलदार डोनश्वर साहू ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार किया। उन्होंने किसानों से स्थिति संभालने के लिए 7 दिनों की मोहलत मांगी है और मामले की पूरी जानकारी कलेक्टर गरियाबंद को देने का आश्वासन दिया है। साथ ही, जिला कृषि अधिकारी और संबंधित सहकारी समितियों को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है। करीब 2 घंटे के चक्का जाम के बाद प्रशासन के आश्वासन पर किसानों ने रास्ता खाली किया, जिससे राहगीरों ने राहत की सांस ली।
"किसानों की हर लड़ाई के लिए तैयार": लक्ष्मी साहू चक्का जाम का समर्थन करते हुए पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती लक्ष्मी साहू ने कहा कि किसानों का आक्रोश जायज है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक किसानों को उनका हक और समय पर खाद नहीं मिल जाती, वे उनके साथ खड़ी हैं और हर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं।
इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष गौरव मिश्रा, सतीश चौरे, गजेंद्र साहू सहित पांडुका क्षेत्र के 22 गांवों के सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि 7 दिनों के भीतर खाद की उपलब्धता सामान्य नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
कंचन यादव
नारद एक्सप्रेस न्यूज़