राजधानी में खाद्य विभाग की बड़ी स्ट्राइक: गुपचुप का 20 लीटर रंगीन पानी कराया नष्ट, सघन जांच अभियान शुरू
रायपुर | छत्तीसगढ़ में शुद्ध खान-पान सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कमर कस ली है। ‘सही दवा शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार’ थीम के तहत प्रदेश व्यापी 15 दिवसीय सघन जांच अभियान के पहले ही दिन राजधानी में बड़ी कार्रवाई देखने को मिली। विभाग की टीम ने गुपचुप (गोलगप्पे) ठेलों पर दबिश देकर सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे संचालकों पर सख्ती दिखाई।
अभियान का आगाज: गुपचुप पानी में मिला सिंथेटिक रंग
अभियान के पहले दिन शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित चाट और गुपचुप सेंटरों की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कई ठेला संचालक पानी को आकर्षक बनाने के लिए हानिकारक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल कर रहे थे।
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त्वरित कार्रवाई: जांच टीम ने मौके पर ही स्वास्थ्य के लिए खतरनाक करीब 20 लीटर रंगयुक्त पानी को नाली में बहाकर नष्ट कराया।
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निरीक्षण का दायरा: विभाग ने कुल 27 गुपचुप और चाट केंद्रों की जांच की।
मिलावट पर प्रहार: जब्त की गई खाद्य सामग्री
केवल गुपचुप ही नहीं, बल्कि अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर भी विभाग की नजर रही:
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सैंपल कलेक्शन: टीम ने समोसा, चाट और दही बड़ा के नमूने लेकर लैब जांच के लिए भेजे हैं।
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एक्सपायरी ब्रेड पर कार्रवाई: एक दुकान से एक्सपायरी डेट वाली ब्रेड जब्त की गई। मौके पर ही करीब 2 किलो अमानक सामग्री को नष्ट किया गया।
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सख्त हिदायत: सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम 2006 के नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
11 मई तक जारी रहेगा अभियान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, यह विशेष अभियान आगामी 11 मई तक निरंतर चलेगा।
"हमारा उद्देश्य मिलावटी खाद्य पदार्थों और नकली दवाओं की जड़ों पर प्रहार करना है। यह अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि हम आम जनता को भी जागरूक कर रहे हैं ताकि वे अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहें।" - विभागीय अधिकारी
इस कार्रवाई से मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है। विभाग ने साफ कर दिया है कि जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान या संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
कंचन यादव
नारद एक्स्प्रेस न्यूज