रायपुर: 50 लाख की ठगी मामले में बढ़ी सियासी तपिश, कांग्रेस पार्षद ओम प्रकाश साहू पार्टी से निलंबित

रायपुर: 50 लाख की ठगी मामले में बढ़ी सियासी तपिश, कांग्रेस पार्षद ओम प्रकाश साहू पार्टी से निलंबित

रायपुर | राजधानी रायपुर में एक व्यवसायी से 50 लाख रुपये लेकर फरार हुए ड्राइवर के मामले ने अब बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में बीरगांव नगर निगम के पार्षद ओम प्रकाश साहू की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद कांग्रेस संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मुख्य घटनाक्रम और पुलिसिया कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी ड्राइवर कृष्णा साहू कारोबारी के 50 लाख रुपये लेकर फरार हो गया था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि चोरी की इस बड़ी रकम को छिपाने में पार्षद ओम प्रकाश साहू ने अहम भूमिका निभाई थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पार्षद को गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।

कांग्रेस संगठन की त्वरित कार्रवाई

इस आपराधिक मामले में जनप्रतिनिधि का नाम जुड़ते ही जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर (ग्रामीण) हरकत में आ गई। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बीरगांव के अध्यक्ष योगेंद्र सोलंकी की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए जिला अध्यक्ष राजेंद्र पप्पू बंजारे ने निलंबन की कार्रवाई की।

  • अनुशासन पर जोर: जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी की छवि धूमिल करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

  • उच्च स्तर पर रिपोर्ट: पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन) मलकीत सिंह गेंदू को प्रेषित कर दी गई है।

राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी कानून व्यवस्था और जन-विश्वास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच का समर्थन किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के दौर में इस तरह की घटनाओं से पार्टी की साख दांव पर लगी थी, जिसे बचाने के लिए संगठन ने त्वरित 'डैमेज कंट्रोल' किया है।

"यह मामला न केवल एक गंभीर आर्थिक अपराध है, बल्कि राजनीतिक जवाबदेही का भी उदाहरण है। जांच में अन्य तथ्य सामने आने पर पार्टी और भी कड़े कदम उठा सकती है।" - जिला कांग्रेस कमेटी

अब सभी की नजरें पुलिस की आगामी जांच और कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हैं, क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि इस लेन-देन के तार कुछ और रसूखदारों से भी जुड़े हो सकते हैं।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज