बड़ी सफलता: 09 राज्यों में आतंक मचाने वाला अंतर्राज्यीय ठग अमन शर्मा गिरफ्तार
रायपुर: राजधानी में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस अपराधियों पर काल बनकर टूट रही है। इसी कड़ी में क्राइम एंड साइबर यूनिट (A.C.C.U) और थाना तेलीबांधा की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ऑपरेशन को अंजाम देते हुए शातिर ठग अमन शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी का साम्राज्य: 22 वारदातों का मास्टरमाइंड
अमन शर्मा कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि वह 09 राज्यों में सक्रिय एक बड़े ठग गिरोह का सरगना है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
व्यापक नेटवर्क: देश के 09 अलग-अलग राज्यों में इसके खिलाफ 22 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
करोड़ों की चपत: यह गिरोह अब तक देश भर में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है।
विदेशी मुद्रा का झांसा: आरोपी मुख्य रूप से विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) के नाम पर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।
तेलीबांधा के व्यवसायी से हुई थी ठगी
इस कार्यवाही की शुरुआत रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र से हुई, जहाँ एक ट्रैवल व्यवसायी ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया। गिरोह के दो सदस्य पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुके थे, जिसके बाद मास्टरमाइंड अमन शर्मा की तलाश के लिए दूसरे राज्यों में छापेमारी की गई।
कमिश्नरी सिस्टम का असर
रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस की कार्यशैली में बड़ा बदलाव आया है। अब पुलिस टीम न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि दूसरे राज्यों में जाकर अपराधियों के ठिकानों पर सीधे "सर्जिकल स्ट्राइक" कर रही है।
मुख्य बिंदु:
संयुक्त ऑपरेशन: A.C.C.U और तेलीबांधा पुलिस की सूझबूझ से मिली सफलता।
अंतर्राज्यीय रेड: दूसरे राज्य में छिपे आरोपी को पुलिस ने उसके सुरक्षित ठिकाने से दबोचा।
अन्य सदस्यों की तलाश: गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की गहन जाँच जारी है।
रायपुर पुलिस की इस त्वरित और साहसी कार्यवाही ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है कि वे देश के किसी भी कोने में छिप जाएं, कानून के हाथ उन तक जरूर पहुंचेंगे।
मयंक श्रीवास्तव
चीफ़ एडिटर/नारद एक्सप्रेस न्यूज