साइबर ठगी से बचाने के नाम पर दोस्त ने ही रिटायर्ड इंजीनियर से ठगे 9.50 लाख
रायपुर (राखी): एक ओर जहाँ लोग साइबर अपराधियों से बचने के लिए अपनों पर भरोसा करते हैं, वहीं राजधानी के राखी थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ एक दोस्त ने ही अपने रिटायर्ड इंजीनियर मित्र की मजबूरी का फायदा उठाकर उसे लाखों का चूना लगा दिया। पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मदद के नाम पर रची ब्लैकमेलिंग की साजिश
पीड़ित देवलाल सिंह टेकाम, जो पीडब्ल्यूडी (PWD) से सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं, को 28 जनवरी को अज्ञात नंबरों से फोन आए थे। फोन करने वाले ने खुद को सतर्कता विभाग और ACB-EOW का अधिकारी बताकर उन्हें ऑनलाइन ठगने और डराने की कोशिश की। घबराकर इंजीनियर ने इसकी जानकारी अपने करीबी दोस्त धर्मेंद्र चौहान को दी।
मदद करने के बजाय, धर्मेंद्र ने इसे एक अवसर के रूप में देखा और अपनी प्रेमिका के मोबाइल नंबर का उपयोग कर इंजीनियर को डराना शुरू कर दिया। उसने खुद को ऊंचे रसूख वाला बताकर मामला रफा-दफा करने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की।
किस्तों में ऐंठे साढ़े नौ लाख रुपये
आरोपी धर्मेंद्र जगदलपुर में टेंट का व्यवसाय करता है और पीड़ित के खेतों की देखरेख भी करता था। इस वजह से उसे इंजीनियर की आर्थिक स्थिति और कमजोरियों की पूरी जानकारी थी। डर के मारे रिटायर्ड इंजीनियर ने किस्तों में कुल 9,50,000 रुपये धर्मेंद्र को सौंप दिए।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी जब धमकियां मिलनी बंद नहीं हुईं, तो पीड़ित को शक हुआ। उन्होंने राखी थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों (Call Details) की जांच की, तो कड़ियां सीधे उनके परिचित धर्मेंद्र से जा मिलीं।
पुलिस की कार्रवाई:
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राखी पुलिस ने आरोपी को घेराबंदी कर पकड़ा।
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कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
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आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सतर्क रहें: पुलिस और प्रशासन का कहना है कि किसी भी अज्ञात कॉल या धमकी आने पर घबराने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क करें। अपने निजी वित्तीय मामलों की जानकारी हर किसी से साझा न करें, चाहे वह कितना भी करीबी क्यों न हो।
मयंक श्रीवास्तव
मुख्यसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज