छत्तीसगढ़: न्यूनतम वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि

छत्तीसगढ़: न्यूनतम वेतन में ऐतिहासिक वृद्धि

छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन करते हुए श्रमिकों के मासिक वेतन में बढ़ोतरी की है। अब प्रदेश के अकुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 11,402 रुपये (परिवर्तित आंकड़ों के अनुसार) से कम नहीं होगा।

नई वेतन श्रेणियां (अनुमानित दरें)

विभिन्न कार्य श्रेणियों के आधार पर वेतन का निर्धारण इस प्रकार किया गया है:

अकुशल श्रमिक (Unskilled): न्यूनतम मासिक वेतन अब ₹11,400+ की सीमा में।

अर्द्धकुशल श्रमिक (Semi-skilled): इनके वेतन में भी आनुपातिक वृद्धि की गई है।

कुशल श्रमिक (Skilled): अनुभवी और तकनीकी कामगारों के लिए वेतनमान ₹12,800 से ऊपर निर्धारित है।

कृषि श्रमिक: खेती-किसानी से जुड़े मजदूरों के दैनिक वेतन और महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की गई है।

मुख्य विशेषताएं

महंगाई से राहत: बढ़ती महंगाई को देखते हुए परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) में वृद्धि की गई है।

लागू होने की तिथि: ये दरें 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक की अवधि के लिए प्रभावी होंगी।

लाभार्थी: इस निर्णय से प्रदेश के लाखों संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

नियम का पालन: किसी भी संस्थान या नियोक्ता द्वारा इससे कम वेतन देना अब कानूनी रूप से उल्लंघन माना जाएगा।

नोट: यह वृद्धि केंद्र सरकार के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Consumer Price Index) के आधार पर की गई है, ताकि श्रमिकों की क्रय शक्ति बनी रहे।

श्रमेव जयते! यह कदम छत्तीसगढ़ के विकास में योगदान देने वाले 'हाथों' को और अधिक सशक्त बनाएगा।

कंचन यादव 

सह संपादक