कबीरधाम: सोशल मीडिया के जाल में फंसा नाबालिग, दुष्कर्म की आरोपी महिला गिरफ्तार
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया के माध्यम से दोस्ती कर एक महिला ने नाबालिग बालक के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
घटना का विवरण: वर्चुअल दोस्ती से अपराध तक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित नाबालिग और आरोपी महिला का परिचय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए हुआ था। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और महिला ने नाबालिग को अपने झांसे में ले लिया।
दिनांक: 1 अप्रैल 2026
स्थान: भोरमदेव रोड स्थित एक होटल
कृत्य: महिला ने बालक को होटल बुलाकर भावनात्मक दबाव बनाया और उसके साथ गलत कृत्य किया।
धमकी: घटना के बाद आरोपी ने नाबालिग को डराया-धमकाया, जिससे डरा हुआ बालक काफी समय तक चुप रहा।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मानसिक तनाव से जूझ रहे पीड़ित ने अंततः साहस जुटाकर परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज की।
"शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में पॉक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बच्चों के विरुद्ध अपराधों को लेकर पुलिस अत्यंत संवेदनशील है।"
— पुलिस प्रशासन, कबीरधाम
बढ़ते साइबर अपराध और सामाजिक चिंता
छत्तीसगढ़ में सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिगों को निशाना बनाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में बच्चों की सक्रियता पर निगरानी रखना अनिवार्य है।
सावधानी के प्रमुख बिंदु:
डिजिटल निगरानी: बच्चों के सोशल मीडिया प्रोफाइल और उनकी ऑनलाइन बातचीत पर अभिभावक नजर रखें।
संवाद: बच्चों के साथ विश्वास का माहौल बनाएं ताकि वे किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी तुरंत साझा कर सकें।
कानूनी जागरूकता: पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिगों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के यौन शोषण के खिलाफ कठोरतम सजा का प्रावधान है।
निष्कर्ष: कबीरधाम पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने समाज में यह संदेश दिया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
मयंक श्रीवास्तव
मुख्य संपादक