9 महीने बाद सुलझी मितानिन प्रेरक की हत्या की गुत्थी; आवास योजना के पैसों के विवाद में पत्थर से कूचकर मारा था ...

9 महीने बाद सुलझी मितानिन प्रेरक की हत्या की गुत्थी; आवास योजना के पैसों के विवाद में पत्थर से कूचकर मारा था ...

दुर्गकोंदल (कांकेर) | उत्तर बस्तर कांकेर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 9 महीने पुराने 'जयंती मंडल हत्याकांड' का खुलासा कर दिया है। मितानिन प्रेरक की हत्या के पीछे की वजह प्रधानमंत्री आवास योजना के पैसों का लेनदेन और निर्माण कार्य में हो रही देरी निकली। पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

क्या था पूरा मामला?

18 जून 2025 को दुर्गूकोंदल क्षेत्र के लिगभंगदरहा जंगल में एक महिला का लहूलुहान शव मिला था। मृतका की पहचान जयंती मंडल (40 वर्ष) के रूप में हुई, जो चिखली की निवासी थीं और क्षेत्र में मितानिन प्रेरक के पद पर कार्यरत थीं। उनके सिर और चेहरे पर पत्थर से वार कर बेरहमी से हत्या की गई थी। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज किया था।

आवास योजना के ₹40,000 बने मौत की वजह

पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने जब तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला, तो कड़ी आरोपी तारकचंद उर्फ चंदन (19 वर्ष) तक जा पहुँची। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए:

लेनदेन का विवाद: आरोपी की मां के नाम पर आवास योजना के तहत ₹40,000 आए थे, जिसे जयंती मंडल को घर बनाने के लिए दिया गया था।

टालमटोल: पैसे लेने के बावजूद जयंती न तो घर बनवा रही थी और न ही पैसे वापस कर रही थी।

साजिश: इसी गुस्से में आरोपी ने जयंती को एक नया काम दिलाने के बहाने जंगल की ओर बुलाया और विवाद होने पर पत्थर से हमला कर उनकी जान ले ली।

इनकी रही मुख्य भूमिका

इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने में दुर्गूकोंदल थाना प्रभारी निरीक्षक प्रहलाद यादव और साइबर टीम (निरीक्षक यशवंत श्याम, जितेंद्र साहू व अन्य) की अहम भूमिका रही। साइबर सेल के तकनीकी विश्लेषण ने केस को सुलझाने में टर्निंग पॉइंट का काम किया।

कांकेर पुलिस की अपील: जिले में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना हेल्पलाइन नंबर 94791-55125 पर दें। आपकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

रिपोर्ट :मयंक श्रीवास्तव 

चीफ एडिटर,नारद एक्सप्रेस न्यूज