PWD कार्यों की समीक्षा: डिप्टी सीएम अरुण साव का सख्त निर्देश— 'गुणवत्ता और पारदर्शिता में कोई समझौता नहीं'

PWD कार्यों की समीक्षा: डिप्टी सीएम अरुण साव का सख्त निर्देश— 'गुणवत्ता और पारदर्शिता में कोई समझौता नहीं'

नया रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। न्यू सर्किट हाउस, अटल नगर में आयोजित दो दिवसीय विभागीय समीक्षा बैठक के पहले दिन उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क और अधोसंरचना निर्माण में गुणवत्ता ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

समय सीमा में कार्य पूर्ण करने की हिदायत

बैठक के दौरान श्री साव ने प्रदेश भर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े किसी भी प्रोजेक्ट में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि:

  • सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

  • सड़क विकास के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति दी जाए।

  • निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अधिकारियों की अनिवार्य जिम्मेदारी है।

विकास कार्यों में गति लाने पर जोर

उपमुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए एक प्रभावी कार्ययोजना (Action Plan) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य केवल निर्माण करना नहीं, बल्कि आम जनता को बेहतर और सुगम सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदेश के नागरिकों को शीघ्रता से मिलना चाहिए।"

बैठक के मुख्य बिंदु:

  • सख्त मॉनिटरिंग: निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी के निर्देश।

  • जवाबदेही तय: अधिकारियों को लक्ष्यों को समय पर हासिल करने और विभागीय गति बढ़ाने पर बल दिया गया।

  • प्रभावी कार्ययोजना: विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर कर परियोजनाओं को जल्द अमलीजामा पहनाने की रणनीति पर चर्चा।

"विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता हमारे विभाग की पहचान होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया जाएगा।" — अरुण साव, उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


रिपोर्ट: ब्यूरो न्यूज़, नया रायपुर