विशेष समाचार: चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष 'विक्रम संवत 2083' का शंखनाद

विशेष समाचार: चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष 'विक्रम संवत 2083' का शंखनाद

आज से देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। इसी पावन तिथि के साथ ही भारतीय नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की भी शुरुआत हुई है। मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है और 'जय माता दी' के जयकारों से वातावरण गुंजायमान है।

1. घटस्थापना और शुभ मुहूर्त

आज नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जा रही है। ज्योतिषियों के अनुसार, आज घटस्थापना (कलश स्थापना) के लिए दो विशेष मुहूर्त थे:

  • सुबह का मुहूर्त: 06:52 AM से 07:43 AM तक।

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 PM से 12:53 PM तक।

2. विक्रम संवत 2083: इस साल होंगे 13 महीने

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, इस वर्ष का नया संवत 'रौद्र' नाम से जाना जाएगा। खगोलीय गणनाओं की दृष्टि से यह वर्ष अत्यंत विशेष है:

  • अधिकमास का योग: इस साल ज्येष्ठ का महीना दो बार आएगा, जिससे वर्ष 12 के बजाय 13 महीनों का होगा।

  • राजा और मंत्री: इस नव संवत्सर के राजा बृहस्पति (गुरु) और मंत्री मंगल होंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजा गुरु होने से ज्ञान और धर्म में वृद्धि होगी, वहीं मंत्री मंगल होने से साहस और पराक्रम का संचार होगा।

3. नवरात्रि 2026: तिथियां और रंग

भक्त इस बार नौ दिनों तक मां के अलग-अलग रूपों की आराधना करेंगे। इस साल नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है और इसका समापन 27 मार्च को राम नवमी के साथ होगा।

दिन तिथि देवी का स्वरूप शुभ रंग
दिन 1 19 मार्च माँ शैलपुत्री पीला
दिन 2 20 मार्च माँ ब्रह्मचारिणी हरा
दिन 3 21 मार्च माँ चंद्रघंटा स्लेटी (Grey)
दिन 4 22 मार्च माँ कूष्माण्डा नारंगी
दिन 5 23 मार्च माँ स्कंदमाता सफेद
दिन 6 24 मार्च माँ कात्यायनी लाल
दिन 7 25 मार्च माँ कालरात्रि रॉयल ब्लू
दिन 8 26 मार्च माँ महागौरी (अष्टमी) गुलाबी
दिन 9 27 मार्च माँ सिद्धिदात्री (राम नवमी) बैंगनी

4. देश भर में उत्सव का माहौल

महाराष्ट्र में आज गुड़ी पड़वा और दक्षिण भारत में उगादि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। घरों के बाहर तोरण और भगवा ध्वज फहराए गए हैं, जो विजय और नई शुरुआत का प्रतीक हैं।

प्रशासन ने भी प्रमुख शक्तिपीठों जैसे वैष्णो देवी, विंध्याचल और मुंबा देवी मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

नवरात्रि व्रत: शुद्ध आहार और स्वास्थ्य निर्देश

नवरात्रि के नौ दिनों में सात्विक भोजन का विशेष महत्व है। यहाँ कुछ मुख्य विकल्प और नियम दिए गए हैं:

1. फलाहार और अनाज के विकल्प

व्रत के दौरान सामान्य अनाज (गेंहू, चावल, दालें) का त्याग किया जाता है। इनके स्थान पर आप निम्नलिखित का उपयोग कर सकते हैं:

  • कुट्टू का आटा (Buckwheat): पूड़ी या परांठे के लिए।

  • सिंघाड़े का आटा (Water Chestnut): हलवा या पकौड़ी के लिए।

  • साबूदाना (Tapioca): खिचड़ी, वड़ा या खीर के रूप में।

  • समा के चावल (Barnyard Millet): पुलाव या खीर के लिए।

2. ऊर्जा के लिए सूखे मेवे और फल

लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने के लिए:

  • मखाना: इसे हल्का भूनकर स्नैक्स के रूप में लें।

  • बादाम और अखरोट: भीगे हुए बादाम सुबह खाली पेट खाना बहुत फायदेमंद होता है।

  • ताजे फल: केला, सेब, पपीता और अनार का सेवन करें। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते।

3. डेयरी उत्पाद (Dairy Products)

  • दूध, दही और पनीर का भरपूर उपयोग करें।

  • दही: इसमें प्रोबायोटिक्स होते हैं जो पाचन को सही रखते हैं, खासकर जब आप तला हुआ कुट्टू या सिंघाड़ा खा रहे हों।

4. मसालों और नमक का प्रयोग

  • सेंधा नमक (Rock Salt): व्रत में केवल शुद्ध सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।

  • मसाले: जीरा, काली मिर्च, हरी मिर्च, अदरक और हरा धनिया उपयोग किया जा सकता है। (हल्दी और हींग से परहेज किया जाता है)।


स्वास्थ्य के लिए विशेष टिप्स (Health Tips):

  1. हाइड्रेशन: दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। नारियल पानी और नींबू पानी बेहतरीन विकल्प हैं।

  2. तली-भुनी चीजों से बचें: कुट्टू की पूरी के बजाय कुट्टू की रोटी या चिल्ला बनाने की कोशिश करें ताकि एसिडिटी न हो।

  3. थोड़ा-थोड़ा खाएं: एक बार में बहुत ज्यादा खाने के बजाय, छोटे-छोटे अंतराल पर (Small Meals) खाएं।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज