कांकेर: कोटवार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन; पुलिस और प्रशासन ने जाँबाज़ कोटवारों को सराहा

कांकेर: कोटवार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन; पुलिस और प्रशासन ने जाँबाज़ कोटवारों को सराहा

कांकेर। ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और सूचना तंत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिला पुलिस एवं प्रशासन कांकेर द्वारा न्यू कम्युनिटी हॉल में 'कोटवार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह' का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक श्री निखिल राखेचा के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर के 250 से अधिक कोटवारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।


उत्कृष्ट सेवा के लिए 16 कोटवार सम्मानित
सम्मेलन के दौरान ग्रामीण स्तर पर कानून व्यवस्था बनाए रखने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाले 16 कोटवारों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र भेंट कर उनके समर्पण की सराहना की।


"कोटवार हैं प्रशासन की रीढ़" – पुलिस अधीक्षक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी श्री निखिल राखेचा ने कहा:
"कोटवार ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन की रीढ़ हैं। उनकी सतर्कता और समय पर दी गई सूचनाएं अपराधों की रोकथाम और नियंत्रण में मील का पत्थर साबित होती हैं। कोटवारों और बीट आरक्षकों के बीच बेहतर समन्वय से गांवों में शांति और सुरक्षा का वातावरण और अधिक सुदृढ़ होगा।"


स्वास्थ्य शिविर और जनकल्याणकारी पहल
इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि यहाँ केवल संवाद ही नहीं, बल्कि कोटवारों के कल्याण हेतु अन्य सेवाएँ भी प्रदान की गईं:


स्वास्थ्य परीक्षण: कोटवारों के लिए निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जहाँ उन्हें परामर्श के साथ दवाइयां वितरित की गईं।
लाइसेंस सुविधा: मौके पर ही ड्राइविंग लाइसेंस बनाने और नवीनीकरण हेतु आवेदन स्वीकार किए गए।
नशा मुक्ति शपथ: 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत सभी उपस्थितों को सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।


महत्वपूर्ण उद्देश्य एवं दिशा-निर्देश
सम्मेलन में मुख्य रूप से निम्न बिंदुओं पर जोर दिया गया:
संज्ञेय अपराधों और आपातकालीन स्थितियों (आग, बाढ़ आदि) की तत्काल सूचना देना।
पुलिस और कोटवारों के बीच संवाद की दूरी को कम करना।
विभिन्न विभागों (राजस्व, कृषि, परिवहन) की शासकीय योजनाओं की जानकारी साझा करना।


उपस्थिति:
इस गरिमामयी अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री योगेश साहू, एसडीएम (पुलिस) श्री मोहसिन खान, डीएसपी श्री अविनाश ठाकुर, प्रशिक्षु आईपीएस श्री प्रतीक दादासाहब बनसोड़े और तहसीलदार पुष्पराज पात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष: जिला पुलिस कांकेर की यह पहल जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

मयंक श्रीवास्तव 
चीफ़ एडिटर/नारद एक्सप्रेस न्यूज