बंद मकान में एक ही परिवार के 5 सदस्यों के मिले शव, सामूहिक आत्महत्या की आशंका; जांच में जुटी FSL टीम

रायपुर के टिकरापारा में एक ही परिवार के 5 सदस्यों के शव मिलने से सनसनी। पुलिस को मिले सुसाइड नोट, कर्ज का दबाव और आर्थिक तंगी की आशंका। FSL जांच जारी।

बंद मकान में एक ही परिवार के 5 सदस्यों के मिले शव, सामूहिक आत्महत्या की आशंका; जांच में जुटी FSL टीम

रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र के संजय नगर (मदनी चौक) इलाके में शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक बंद मकान से एक ही परिवार के पाँच सदस्यों के शव बरामद किए गए हैं। मृतकों में माता-पिता, उनका 20 वर्षीय बेटा और दो नाबालिग बेटियाँ शामिल हैं। इस सामूहिक मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

प्रारंभिक परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे सामूहिक आत्महत्या (Mass Suicide) का मामला मानकर चल रही है। हालांकि, पुलिस प्रशासन और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स मर्डर-कम-सुसाइड (हत्या के बाद आत्महत्या) समेत सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रहे हैं।

किराए के मकान में रह रहा था परिवार

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह परिवार पिछले करीब आठ महीनों से संजय नगर स्थित मस्जिद के पास एक मकान में किराए पर रह रहा था। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:

  • साजिद अली उर्फ सज्जू (50 वर्ष) – परिवार का मुखिया

  • राबिया बानो (45 वर्ष) – पत्नी

  • इरशाद अली (20 वर्ष) – पुत्र

  • शाहिदा बेगम (15 वर्ष) – बड़ी पुत्री

  • इरशाबा परवीन (12 वर्ष) – छोटी पुत्री

घटनास्थल से सुसाइड नोट बरामद, ज़हर खाने की आशंका

शनिवार सुबह जब काफी देर तक मकान में कोई हलचल नहीं हुई, तो पड़ोसियों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों की सूचना पर टिकरापारा थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुए। घर के भीतर पाँचों सदस्यों के शव संदिग्ध अवस्था में पाए गए।

शुरुआती जांच के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि पूरे परिवार ने जहर खाकर अपनी जान दी है। पुलिस को घटनास्थल से कुछ सुसाइड नोट्स भी बरामद हुए हैं। इन पत्रों में कुछ मोबाइल नंबरों और एक युवती को बुलाने जैसी उलझी हुई बातों का जिक्र है। पुलिस ने इन पत्रों को जब्त कर लिया है और हैंडराइटिंग (हस्तलेखन) मिलान के साथ-साथ उसमें लिखे तथ्यों की प्रामाणिकता की जांच कर रही है।

आर्थिक तंगी और कर्जदारों का दबाव हो सकता है कारण

पड़ोसियों और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, साजिद अली का परिवार पिछले कुछ समय से गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था। स्थानीय निवासियों का दावा है कि परिवार पर भारी कर्ज था और कुछ देनदार अक्सर उनके घर आकर पैसे के लिए दबाव बनाते थे। पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या इसी मानसिक तनाव और सामाजिक बदनामी के डर से परिवार ने यह खौफनाक कदम उठाया।

FSL की टीम मौके पर, कॉल डिटेल्स खंगाल रही पुलिस

घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए मौके पर फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया है। FSL की टीम कमरे से वैज्ञानिक साक्ष्य और उंगलियों के निशान एकत्र कर रही है। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने पूरे मकान को सील कर दिया है।

पुलिस प्रशासन का आधिकारिक वक्तव्य: टिकरापारा पुलिस के अनुसार, सभी शवों का पंचनामा कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए मेकाहारा (पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सालय, रायपुर) भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और जहर के प्रकार की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। पुलिस मृतकों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना से पहले वे किन लोगों के संपर्क में थे।

मयंक श्रीवास्तव

चीफ एडिटर/नारद एक्सप्रेस न्यूज़