प्रशासनिक हड़कंप: गौरेला में 8 पंचायत सचिव निलंबित, ₹1.19 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का खुलासा
गौरेला/जीपीएम: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भ्रष्टाचार और वित्तीय लापरवाही के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने गौरेला जनपद क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों में हुए भारी वित्तीय हेरफेर के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
₹1.19 करोड़ का गलत भुगतान
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इन सचिवों ने 15वें वित्त आयोग की राशि का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक पर रखकर संबंधित वेंडरों को कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये का अवैध भुगतान किया। यह कृत्य 'छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998' का स्पष्ट उल्लंघन पाया गया है।
इन ग्राम पंचायतों पर गिरी गाज (अनियमितता का विवरण):
निलंबन आदेश के अनुसार, पंचायतों में अनियमित भुगतान का आंकड़ा इस प्रकार है:
| ग्राम पंचायत | निलंबित सचिव | अनियमित राशि (लगभग) |
| तेन्दुमुढ़ा | उमा शंकर उपाध्याय | ₹29.98 लाख |
| नेवरी नवापारा | भैयालाल करसायल | ₹26.13 लाख |
| ठाड़पथरा | नान्हूदास बघेल | ₹23.26 लाख |
| आमाडोब | ओंकार भानू | ₹10.91 लाख |
| पूटा | रतन सिंह | ₹10.72 लाख |
| साल्हेघोरी | राजकुमार शर्मा | ₹6.69 लाख |
| आमगांव | राधेश्याम मरावी | ₹6.40 लाख |
| हर्राटोला | त्रिलोक सिंह | ₹5.47 लाख |
अनुशासन एवं अपील नियम के तहत कार्रवाई
गुरुवार को जारी पृथक-पृथक आदेशों में स्पष्ट किया गया कि दोषी पाए गए सचिवों के खिलाफ 'पंचायत सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियम 1999' के तहत कार्रवाई की गई है।
निलंबन की शर्तें: निलंबन की अवधि के दौरान सभी सचिवों का मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला नियत किया गया है। नियमानुसार, इन्हें इस अवधि में केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
प्रशासन का कड़ा संदेश
जिला प्रशासन की इस त्वरित और बड़ी कार्रवाई से पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के माध्यम से शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कंचन यादव
सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज