बड़ी तैयारी: अब सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचेगी जनता की बात, जल्द शुरू होगी 'सीएम हेल्पलाइन सेवा'
रायपुर राज्य सरकार ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित और सीधे समाधान के लिए 'मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा' शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने से पहले व्यापक प्रशासनिक होमवर्क किया जा रहा है। इसके तहत जिलों के अधिकारियों और कर्मचारियों को बकायदा विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि हेल्पलाइन नंबर जारी होते ही व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर सके।
टोल फ्री नंबर '1076' और वेबसाइट होगी जारी
आम नागरिकों की शिकायतों के लिए जल्द ही टोल फ्री नंबर 1076 और एक आधिकारिक वेबसाइट जारी की जाएगी। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत संचालित होने वाली इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने, शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है।
7 दिनों में निराकरण का लक्ष्य: इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें प्राप्त शिकायतों का निराकरण महज 7 दिनों के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं और उनका सचिवालय इसकी नियमित मॉनीटरिंग करेंगे।
शिकायत दर्ज कराने के 5 माध्यम और 4 स्तरीय समाधान तंत्र
यह हेल्पलाइन पूरी तरह केंद्रीकृत और आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी। नागरिक अपनी सुविधानुसार निम्नलिखित माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे:
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फोन कॉल
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वॉट्सऐप (WhatsApp)
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वेब पोर्टल
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मोबाइल ऐप
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लिखित आवेदन
यूनिक टोकन और रियल-टाइम ट्रैकिंग:
दर्ज होने वाली प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर दिया जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की 'रियल-टाइम ट्रैकिंग' (वर्तमान स्थिति) देख सकेगा।
शिकायतों के समाधान के लिए चार-स्तरीय (L1 से L4) तंत्र विकसित किया गया है:
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L-1: ब्लॉक स्तर
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L-2: जिला स्तर
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L-3: संभागीय अथवा निदेशालय स्तर
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L-4: सचिव या विभागाध्यक्ष स्तर
यदि निर्धारित समय-सीमा में किसी स्तर पर शिकायत का समाधान नहीं होता है, तो वह स्वतः ही अगले उच्च स्तर पर प्रेषित (Escalate) हो जाएगी।
इन 5 प्रमुख स्तंभों पर टिकी है पूरी प्रणाली
सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था मुख्य रूप से पांच मजबूत स्तंभों पर आधारित है:
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यूनिक टोकन नंबर के माध्यम से शिकायत ट्रैकिंग।
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समयबद्ध समाधान के लिए SLA (सर्विस लेवल एग्रीमेंट) आधारित व्यवस्था।
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समाधान के बाद नागरिकों से संतुष्टि का फीडबैक (Feedback)।
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प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही।
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एमआईएस (MIS) डैशबोर्ड के माध्यम से सतत निगरानी।
365 दिन, 24 घंटे चालू रहेगा कॉल सेंटर
यह कॉल सेंटर वर्ष के 365 दिन, सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे (24x7) निरंतर सक्रिय रहेगा। इसके जरिए न केवल शिकायतें दर्ज होंगी, बल्कि कोई भी व्यक्ति सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी लेकर पात्रता अनुसार लाभ पाने के लिए मदद भी ले सकेगा।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे देश के कई प्रमुख राज्यों में यह व्यवस्था पहले से ही सफलतापूर्वक काम कर रही है। इस हेल्पलाइन के शुरू होने से प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी और आम जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। समय पर कार्रवाई न करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए जाएंगे।
कंचन यादव
सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज