आबकारी नीति: शराब की पैकिंग में बड़ा बदलाव, अब कांच नहीं प्लास्टिक की बोतलों में मिलेगी मदिरा

आबकारी नीति: शराब की पैकिंग में बड़ा बदलाव, अब कांच नहीं प्लास्टिक की बोतलों में मिलेगी मदिरा

छत्तीसगढ़ में आज से नई आबकारी नीति लागू हो गई है, जिसके तहत शराब की बिक्री और पैकेजिंग के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। अब प्रदेश की सरकारी शराब दुकानों में मदिरा कांच की बोतलों के स्थान पर प्लास्टिक (PET) की बोतलों में बेची जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार और आबकारी विभाग ने इस बदलाव के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण बताए हैं:

  1. टूट-फूट (Breakage) से सुरक्षा: कांच की बोतलें परिवहन और हैंडलिंग के दौरान बड़ी संख्या में टूट जाती थीं, जिससे राजस्व का नुकसान होता था। प्लास्टिक की बोतलें 'अनब्रेकेबल' होने के कारण इस जोखिम को खत्म करेंगी।

  2. लागत में कमी: कांच के मुकाबले प्लास्टिक बोतलों की निर्माण लागत काफी कम है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बदलाव से प्रति पेटी शराब की कीमत में 50 से 60 रुपये तक की गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।

  3. परिवहन में आसानी: प्लास्टिक की बोतलें वजन में हल्की होती हैं, जिससे एक बार में ज्यादा स्टॉक ले जाना आसान और सस्ता होगा।

प्रमुख बिंदु:

  • प्रभावी तिथि: यह नियम 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश की 800 से अधिक सरकारी दुकानों पर अनिवार्य रूप से लागू हो गया है।

  • पर्यावरण संरक्षण: प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग पर उठ रहे सवालों के बीच, विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन बोतलों के रीसाइक्लिंग (Recycling) के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।

  • अन्य राज्य: उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों ने भी अपनी नई नीतियों में छोटे पैक (जैसे 100ml) और बेहतर डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को प्राथमिकता दी है, लेकिन पैकेजिंग में छत्तीसगढ़ का यह 'प्लास्टिक शिफ्ट' सबसे ज्यादा चर्चा में है।

नोट: आबकारी विभाग ने सभी बॉटलिंग यूनिट्स को नए मानकों के अनुसार उत्पादन शुरू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।

कंचन यादव 

सह संपादक