नवा रायपुर क्या छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में हुई नियुक्ति अवैध ?? 

नवा रायपुर क्या छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में हुई नियुक्ति अवैध ?? 

रायपुर : सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री इंदरसिंह उबोवेजा की 'प्रमुख लोकायुक्त' पद पर हुई नियुक्ति को 'अवैधानिक' बताते हुए छत्तीसगढ़ लोक आयोग में एक औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की गई है। यह शिकायत छत्तीसगढ़ नागरिक कल्याण समिति के सचिव अविनाश साहू द्वारा दर्ज कराई गई है।

क्या हैं मुख्य आरोप?

शिकायतकर्ता के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम, 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। शिकायत में निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

• चयन प्रक्रिया का अभाव: आरोप है कि वर्ष 2025 (प्रस्तावित) के लिए प्रमुख लोकायुक्त की नियुक्ति हेतु न तो कोई विधिवत नस्ती (फाइल) संधारित की गई और न ही चयन समिति की कोई बैठक आहूत की गई।

• पारदर्शिता की कमी: नियुक्ति से पूर्व समाचार पत्रों में कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया, जिसके कारण इस पद के लिए अन्य योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर ही नहीं मिला।

• अधिसूचना पर सवाल: शिकायत में कहा गया है कि बिना किसी आवेदन या चयन समिति की अनुशंसा के, सचिव मुकेश कुमार बंसल द्वारा 23 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में नियुक्ति की अधिसूचना प्रकाशित करवा दी गई।

जांच की मांग

अविनाश साहू ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि नियमानुसार चयन प्रक्रिया अपनाए बिना की गई यह नियुक्ति पूरी तरह से गैर-कानूनी है। उन्होंने लोक आयोग अधिनियम के अंतर्गत इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।

यहाँ इस विषय पर एक औपचारिक और प्रभावशाली समाचार रिपोर्ट दी गई है:

प्रमुख लोकायुक्त की नियुक्ति पर विवाद: सामान्य प्रशासन सचिव के विरुद्ध लोक आयोग में शिकायत दर्ज

नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सचिव मुकेश कुमार बंसल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री इंदरसिंह उबोवेजा की 'प्रमुख लोकायुक्त' पद पर हुई नियुक्ति को 'अवैधानिक' बताते हुए छत्तीसगढ़ लोक आयोग में एक औपचारिक शिकायत प्रस्तुत की गई है। यह शिकायत छत्तीसगढ़ नागरिक कल्याण समिति के सचिव अविनाश साहू द्वारा दर्ज कराई गई है।

क्या हैं मुख्य आरोप?

शिकायतकर्ता के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ लोक आयोग अधिनियम, 2002 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। शिकायत में निम्नलिखित गंभीर बिंदुओं को रेखांकित किया गया है:

 चयन प्रक्रिया का अभाव: आरोप है कि वर्ष 2025 (प्रस्तावित) के लिए प्रमुख लोकायुक्त की नियुक्ति हेतु न तो कोई विधिवत नस्ती (फाइल) संधारित की गई और न ही चयन समिति की कोई बैठक आहूत की गई।

 पारदर्शिता की कमी: नियुक्ति से पूर्व समाचार पत्रों में कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं किया गया, जिसके कारण इस पद के लिए अन्य योग्य उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर ही नहीं मिला।

 अधिसूचना पर सवाल: शिकायत में कहा गया है कि बिना किसी आवेदन या चयन समिति की अनुशंसा के, सचिव मुकेश कुमार बंसल द्वारा 23 अगस्त 2024 को छत्तीसगढ़ राजपत्र (असाधारण) में नियुक्ति की अधिसूचना प्रकाशित करवा दी गई।

जांच की मांग

अविनाश साहू ने अपनी शिकायत में तर्क दिया है कि नियमानुसार चयन प्रक्रिया अपनाए बिना की गई यह नियुक्ति पूरी तरह से गैर-कानूनी है। उन्होंने लोक आयोग अधिनियम के अंतर्गत इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।

> किसी भी संवैधानिक पद पर नियुक्ति पारदर्शिता और कानून के दायरे में होनी चाहिए। बिना विज्ञापन और बिना चयन समिति की बैठक के की गई यह नियुक्ति सीधे तौर पर अधिकारों का दुरुपयोग है।

> अविनाश साहू, सचिव (छत्तीसगढ़ नागरिक कल्याण समिति)

नोट: इस मामले में अब सबकी नजरें छत्तीसगढ़ लोक आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं कि वह शासन के सचिव स्तर के अधिकारी के विरुद्ध प्राप्त इस शिकायत पर क्या रुख अपनाता है।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़