रायपुर प्यासा, सत्ता बेपरवाह पानी के लिए आम जनता रही-आम आदमी पार्टी
रायपुर: रामपुरा वारीसंदरनगर सहित कई इलाकों में बंद पानी के लिए जाने को मजबर हैं। राजधानी रामपुर शहर में लगातार जल स्तर गिर रहा है, रायपुर के जोन में उनकर बाबा बा जोन 3 के खम्हारडीह का पूरा इलाका जो लगभग 30000 है 50 श्रीसदी गजल संकट रहे हैं। वार्ड 3.वार्ड 67 वार्ड 68 वार्ड 69 में पानी के हालत गंभीर बने हुए हैं. जीन के प्रोफेसर कॉलोनी शिवाजी मगर परशुराम मगर मारुति नगर में आधा हिस्सा प्रभावित है। जोन 9 में दुबे कॉलोनी दमदन सिवनी जांचना इलाके में भूजल संकट बना हुआ है। कचना के जीडीए कॉलोनी में जहां 2009 सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों परिवार है लगातार 15 दिनों से पानी की दिक्कत बनी हुई है। वही जोन 4 में रवि शंकर शुक्ला बाई, ब्राहमण पारा यादह पारा में पिछले 10 दिनों से लोग प्रेशर की समस्या बनी हुई है। हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि टैंकर पहुंचते ही लोगों
की भीड़ उस पर टूट पड़ती है, मानो पानी नहीं बल्कि जीवन बांटा जा रहा हो। यदि राजधानी रायपुर में ही सरकार जनता को पीने का पानी उपलब्ध नहीं करवा पा रही है, तो राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों की स्थिति कितनी भयावह और नारकीय होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि हर साल गर्मियों में पीने के पानी का संकट और हर बरसात में जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन सरकार इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के बजाय उन्हें छुपाने और समय बिताने की नीति अपनाती रही है। यही इनका तथाकथित "विकास मॉडल है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिन क्षेत्रों में पानी पहुंच भी रहा है, वहां मटमैला और अस्वच्छ पानी लोगों को पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि जनस्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ भी है।
हर साल संकट, फिर भी स्थायी समाधान नहीं आखिर क्यों? यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हर वर्ष गर्मियों में राजधानी रायपुर में जल संकट उत्पन्न होता है, लेकिन नगर निगम और राज्य सरकार आज तक कोई दीर्घकालिक और ठोस योजना बनाने में विफल साबित हुई हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समस्या हर साल सामने आती है, तो स्थायी समाधान की योजना क्यों नहीं बनाई जाती? क्या प्रशासन केवल खानापूर्ति कर समय बिताने में लगा हुआ है?
वर्षों से चली आ रही सरकारों की विफलता:
राज्य में वर्षों से कभी आजपा तो कभी कांग्रेस की सरकार सत्ता में आती रही हैं, लेकिन आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी सबसे अनिवार्य मूलभूत सुविधा-पानी-तक आम जनता को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है।
इससे साफ़ जाहिर होता है कि ये दोनों दल जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय स्वार्थ और सता की राजनीति में उलझे रहे हैं। आज जनता जी पीड़ा झेल रही है, यह वर्षों की लापरवाही, भ्रष्टाचार और दूरदर्शिता की कमी का परिणाम है। अब समय आ गया है कि जनता खुद आगे आए और इन विफल तथा भ्रष्ट व्यवस्थाओं को सबक सिखाए।
आम आदमी पार्टी जनता के साथ मिलकर इस जनविरोधी व्यवस्था के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। आम आदमी पार्टी इस गंभीर जनसमस्या को लेकर जिसमें इस जल संकट को पूरे प्रदेश के सामने मजबूती से उठाया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की जाएगी।
आम आदमी पार्टी की स्पष्ट चेतावनी है कि यदि शीप ही इस जल संकट का स्थायी और ठोस समाधान नहीं किया गया, तो आम आदमी पार्टी रायपुर नगर निगम का जोरदार घेराव करेगी।
आम आदमी पार्टी का रायपुर महापौर से सवाल :
क्यों जनता को गंदा और अस्वच्छ पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है?
नगर निगम और सरकार की जवाबदेही कम तय होगी?
हर वर्ष होने वाले जल संकट के बावजूद स्थायी समाधान की योजना क्यों नहीं बनाई गई?
आम आदमी पार्टी स्पष्ट करती है कि वह जनता के हरू, सम्मान और मूलभूत अधिकारों के लिए हर स्तर पर सांधर्ष करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि सरकार ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन और व्यापक तथा उप लेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव जोसेफ, प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी बैंक विंग विकास कुमार झा और रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान भी मौजूद रहे।
सह संपादक, कंचन यादव
नारद एक्सप्रेस न्यूज