28 कर्मचारियों को अधिकारविहीन पदाधिकारियों द्वारा षडयंत्र पूर्वक बदले की भावना से बर्खास्त करना अपराध

28 कर्मचारियों को अधिकारविहीन पदाधिकारियों द्वारा षडयंत्र पूर्वक बदले की भावना से बर्खास्त करना अपराध

रायपुर : धार्मिक अपंजीकृत संस्था छत्तीसगढ़ डायोसिस के पदाधिकारीयो द्वारा सालेम स्कूल रायपुर व अन्य शालाओं के 20-30 वर्षों से कार्यरत कर्मचारी जो अपने हक और अधिकार की लड़ाई लड़ रहे थे उन्हें अवैधानिक तरीके से बदले की भावना से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 17 अनुदान प्राप्त व निजी संस्थाओं का संचालन समिति करती है, अनुदान प्राप्त शालाओं का संचालन शासन के नियमो से होना चाहिए, पर पदाधिकारियों द्वारा मनमानी की जा रही है। महत्त्वपूर्ण बात जानने योग्य यह है कि डायोसिस के पदाधिकारियों ने प्रसाशक को गुमराह कर नियम के विपरीत एवं अवैधानिक तरीके से पंजीकृत छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड आफ एजुकेशन का अवैध चुनाव करवा कर लिया साथ ही जिन पदाधिकारीयो को फर्म एवं संस्थान ने कर दिया था जिसमे सुषमा कुमार, जयदीप व नितिन लॉरेन्स है, उक्त को ही पुनः पदाधिकारी नियुक्त कर लिया है, अवैध चुनाव के विरुद्ध समिति के संवैधानिक पदाधिकारियों ने माननीय उच्च न्यालय में याचिका दायर किया गया है. जिसमें कलेक्टर प्रशासक, उपसचिव, पंजीयक, सहायक पंजीयक को पार्टी बनाया गया है नोटिस जारी हो चुका है और माननीय उच्च न्यायालय में मामला लंबित है। लोगो ने अपने आप

मामला उच्च न्यालय में लंबित होने के बाद भी समिति के लेटरपेड पर सालेम व अन्य शालाओं के प्राचार्यों, शिक्षकों व गरीब कर्मचारियों को निलंबित व बर्खास्त कर दिया गया है।

नियमानुसार चुनाव के पश्चात पंजीयक फर्म एवं संस्थान द्वारा धारा-27 हेतु जानकारी प्रस्तुत की जाती है और उसके पश्चात जब पदाधिकारी की प्रमाणित प्रतिलिपि फर्म एवं संस्थान प्रदान करता है तब ही वैधानिक पदाधिकारी बनते है, प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के बाद ही कोई प्रसाशनिक कार्य करने हेतु अधीकृ त हो सकते है, फर्म एवं संस्थान द्वारा धारा 27 की प्रतिलिपि प्रदान नही किया गया है क्योंकि वैधानिक समिति के पदाधिकारियों ने चुनाव में धांधली करने के विरुद्ध शिकायत कर धारा 27 जारी नही करने की याचिका फर्म सोसायटी में दायर किया है। परन्तु छत्तीसगढ़ डायोसिस के बिशप व स्वयंभू पदाधिकारी बन कर कर्मचारियों के पेट पर लात मार रहे है, उक्त कृत्य ने 35 परिवारो को सड़क पर खड़ा कर दिया है।

सालेम इंग्लिश स्कूल का ताला तोडकर कब्जा क्यों किया गया यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है कि अगर सूक्षमा कुमार की कमेटी ने वैध चुनाव कराया है. तो फिर

विगत दिनों सालेम इंग्लिश स्कूल व प्राचार्य कक्ष का गुंडागर्दी करके ताला तोडकर प्राचार्य सपना जॉर्ज की जगह पर रूपिका लॉरेंस अपने पति नितिन लॉरेन्स के साथ बालात कब्जा क्यो किया है?? जबकि दोनों पति पत्नी के ऊपर सिविल लाइंस थाना रायपुर में धारा 420, 467,468,471,32 में एफआईआर दर्ज है। ये दोनों ही माननीय उच्च न्यालय से सशर्त जमानत पर है। साथ ही स्कूल के कर्मचारियों के पीएफ का 80 लाख रुपए का गबन किया गया है। डायोसिस के तथाकथित पदाधिकारी नितिन लॉरेन्स, जयदीप रॉबिन्सन, सुषमा कुमार व अन्य के ऊपर छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में गम्भीर धाराओं में 7 एफआईआर दर्ज है। कुछ गम्भीर शिकायतों व एफआईआर में जांच चल रही है. जांच को प्रभावित करने के लिए ही उक्त दोनों पति पत्नी ने सालेम स्कूल में बालात कब्जा कर किया है, और पद का दुरुपयोग कर रहे है।

अपने अधिकार व न्याय के लिए आवाज उठाने वाले 35 टीचरों को एक साथ बर्खास्त कर दिया गया है जो कि नियम के विपरीत है और सिर्फ इसलिए इनको बर्खास्त किया गया क्योंकि कर्मचारियों पीएफ की राशि जमा नहीं हुई है जिसकी मांग बार-बार करते रहे और मीडिया और सोशल मीडिया के सामने खड़े होकर अपने न्याय के लिए लड़ते रहे। कुछ आफ मदर्स ने शिकायत की है धमकाकर कहती है कि कि रुपिका लॉरेंस ने उन सेव को प्रताड़ित किया है और नौकरी से निकाल दूंगी अंततः नौकरी से निकाल दिया गया, बजरंग दल ने इन बहनों को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाई थी पर कार्यवाही अभी भी लंबित है। यह गरीब माता बहने जो पिछले 20 वर्ष 30 वर्षों से लगातार शाला में सेवा करते रही पर रूपीका लॉरेंस और पति नितिन लॉरेन्स व सुषमा कुमार और उनके असंवैधानिक व अवैध कमेटी के द्वारा से इन गरीबों के पेट पर लात मारा गया है।

इनके द्वारा किये जा रहे अवैधानिक कार्यों की शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री, कलेक्टर, उपसचिव, शिक्षा विभाग को किया गया है।

सह संपादक, कंचन यादव 

नारद एक्सप्रेस न्यूज