किसान बुलेटिन: छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी की बड़ी खबरें; मौसम विभाग का अलर्ट और खाद-बीज पर प्रशासन की सख्ती
छत्तीसगढ़ में खेती-किसानी की ताजा खबरें। जानिए मौसम विभाग का बारिश अलर्ट, धान की रोपाई की स्थिति और खाद-बीज की कालाबाजारी पर सरकार के कड़े एक्शन की पूरी रिपोर्ट।
रायपुर/छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही प्रदेशभर में खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई का काम जोरों पर है। 'नारद एक्सप्रेस' के इस विशेष बुलेटिन में हम आपके लिए लेकर आए हैं खेती-किसानी, मौसम और मंडियों से जुड़ी आज की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबरें, जो सीधे हमारे अन्नदाताओं से सरोकार रखती हैं।
- मौसम का हाल: अगले 48 घंटे धान की रोपाई के लिए वरदान
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, छत्तीसगढ़ के मध्य और उत्तरी इलाकों (सरगुजा, सूरजपुर, बिलासपुर और रायपुर संभाग) में अगले 48 घंटों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है।
- किसानों के लिए सलाह: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में पानी ठहर रहा है, वहां धान की थहा या रोपाई का काम तुरंत पूरा कर लें। यह समय कल्ला फूटने और पौधों के विकास के लिए सबसे उत्तम है।
- खाद-बीज की कालाबाजारी पर एक्शन: कई सोसायटियों में छापा
खरीफ सीजन के पीक पर आते ही खाद (यूरिया/डीएपी) और प्रमाणित बीजों की किल्लत की शिकायतें सामने आ रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए राज्य के सहकारिता और कृषि विभाग ने संयुक्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
- बड़ी कार्रवाई: प्रदेश के कई जिलों में निजी डीलरों और सोसायटियों में औचक निरीक्षण किया गया है। तय दाम से अधिक वसूलने और अवैध भंडारण करने वाले 5 से अधिक विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि किसानों को परेशान करने वाले सीधे जेल जाएंगे।
- केसीसी (KCC) ऋण वितरण की रफ्तार तेज
राज्य सरकार ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों को निर्देश दिए हैं कि खरीफ फसलों के लिए किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर दिए जाने वाले कृषि ऋण (KCC) के वितरण में तेजी लाई जाए। सहकारी समितियों के माध्यम से अब तक रिकॉर्ड मात्रा में किसानों के खातों में लोन राशि और कॉपरेटिव सोसायटियों से खाद-बीज का उठाव सुनिश्चित किया जा चुका है, ताकि किसानों को साहूकारों के चक्कर न काटने पड़ें।
अस्वीकरण: इस समाचार बुलेटिन में दी गई मौसम संबंधी जानकारियां और कृषि सलाह मौसम विभाग (IMD) व कृषि विशेषज्ञों द्वारा जारी तात्कालिक अनुमानों पर आधारित हैं। बदलते मौसम के कारण इसमें बदलाव संभव है, अतः किसान भाई अपने स्थानीय मौसम और विवेक के आधार पर निर्णय लें। खाद-बीज वितरण और सोसायटियों की प्रशासनिक कार्रवाइयों के आंकड़े स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट के अधीन हैं। 'नारद एक्सप्रेस न्यूज़' किसी भी तरह के आकस्मिक फसल नुकसान या त्वरित नीतिगत बदलावों के लिए उत्तरदायी नहीं है।
कंचन यादव
सह सम्पादक/नारद एक्सप्रेस न्यूज़