चुनावी शंखनाद: पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान, 4 मई को आएंगे नतीजे

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चुनावी शंखनाद: पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान, 4 मई को आएंगे नतीजे

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के चार राज्यों— पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम— और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चुनावी तारीखों के एलान के साथ ही इन सभी क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है।

मतदान का पूरा शेड्यूल (2026)

इन पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में समाप्त हो रहा है, जिसे देखते हुए निर्वाचन आयोग ने अप्रैल माह में मतदान प्रक्रिया संपन्न कराने का निर्णय लिया है।

राज्य / केंद्र शासित प्रदेश मतदान की तिथि चुनावी नतीजे
असम 9 अप्रैल, 2026 4 मई, 2026
केरल 9 अप्रैल, 2026 4 मई, 2026
पुडुचेरी 9 अप्रैल, 2026 4 मई, 2026
तमिलनाडु 23 अप्रैल, 2026 4 मई, 2026
पश्चिम बंगाल 23 और 29 अप्रैल (दो चरण) 4 मई, 2026

प्रमुख बिंदु और तुलना

  • पश्चिम बंगाल: जहाँ 2021 में चुनाव 8 चरणों में संपन्न हुए थे, वहीं इस बार बंगाल में मतदान की प्रक्रिया को दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में ही पूरा किया जाएगा।

  • कार्यकाल की समाप्ति: मई में अधिकांश राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। तमिलनाडु का कार्यकाल 10 मई, असम का 20 मई और केरल का 23 मई को पूर्ण हो रहा है, जबकि पुडुचेरी का कार्यकाल सबसे अंत में 15 जून को समाप्त होगा।

  • नतीजों का दिन: सभी पांचों राज्यों के लिए मतगणना एक साथ 4 मई, 2026 को की जाएगी, जिससे स्पष्ट होगा कि अगले पांच वर्षों के लिए इन राज्यों की कमान किसके हाथों में होगी।

निर्वाचन आयोग की तैयारी

मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा। आचार संहिता लागू होने के बाद अब सरकारें किसी भी नई योजना या लोक-लुभावन घोषणाओं का एलान नहीं कर सकेंगी।


विशेष नोट: वर्ष 2021 में इन राज्यों के चुनावों की घोषणा 26 फरवरी को की गई थी, जिसके मुकाबले इस बार की चुनावी प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से अप्रैल-मई में संपन्न की जा रही है।

पिछला चुनाव परिणाम (2021): एक नजर में

2021 के चुनावों में क्षेत्रीय दलों का दबदबा देखने को मिला था। नीचे दी गई तालिका पिछले जनादेश की स्थिति स्पष्ट करती है:

राज्य कुल सीटें विजेता (गठबंधन/दल) मुख्य विपक्षी दल/गठबंधन परिणाम का मुख्य आकर्षण
पश्चिम बंगाल 294 TMC (213 सीटें) BJP (77 सीटें) ममता बनर्जी की हैट्रिक और भारी बहुमत।
तमिलनाडु 234 DMK+ (159 सीटें) AIADMK+ (75 सीटें) 10 साल बाद एम.के. स्टालिन की सत्ता में वापसी।
केरल 140 LDF (99 सीटें) UDF (41 सीटें) पिनाराई विजयन ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास रचा।
असम 126 NDA (75 सीटें) UPA (50 सीटें) हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भाजपा की सत्ता बरकरार।
पुडुचेरी 30 AINRC+ (16 सीटें) Congress+ (8 सीटें) एन. रंगास्वामी के नेतृत्व में NDA की सरकार बनी।

2021 बनाम 2026: क्या बदल सकता है?

  1. पश्चिम बंगाल: 2021 में चुनाव 8 चरणों में हुए थे, जिससे सुरक्षा और हिंसा की खबरें चर्चा में रहीं। 2026 में इसे 2 चरणों में समेटना चुनाव आयोग की एक बड़ी रणनीति है। यहाँ मुख्य मुकाबला फिर से TMC और BJP के बीच होने की उम्मीद है।

  2. तमिलनाडु: पिछली बार AIADMK सत्ता से बाहर हुई थी। इस बार देखना दिलचस्प होगा कि क्या DMK अपनी लोक-लुभावन योजनाओं के दम पर सत्ता बचा पाती है या विपक्ष कोई बड़ा उलटफेर करता है।

  3. केरल: केरल में दशकों से हर 5 साल में सरकार बदलने का रिवाज (LDF बनाम UDF) रहा है, जिसे 2021 में LDF ने तोड़ दिया था। 2026 का चुनाव यह तय करेगा कि क्या वामपंथी किला अभी भी अभेद्य है।

  4. असम: भाजपा यहाँ अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है, लेकिन सीमांकन (Delimitation) और नागरिकता जैसे मुद्दे इस बार भी चुनावी हवा तय कर सकते हैं।

  5. पुडुचेरी: छोटे से केंद्र शासित प्रदेश में दलबदल और स्थानीय गठबंधन हमेशा से निर्णायक भूमिका निभाते आए हैं।


निष्कर्ष

4 मई, 2026 को आने वाले नतीजे न केवल इन राज्यों का भविष्य तय करेंगे, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए भी एक 'सेमीफाइनल' की तरह देखे जा रहे हैं।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज