ऑपरेशन तलाश: रायगढ़ पुलिस ने अप्रैल में बिखरे हुए 251 परिवारों को मिलाया, नाबालिगों की सुरक्षा पर एसएसपी का कड़ा रुख

ऑपरेशन तलाश: रायगढ़ पुलिस ने अप्रैल में बिखरे हुए 251 परिवारों को मिलाया, नाबालिगों की सुरक्षा पर एसएसपी का कड़ा रुख

रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक नई मिसाल पेश करते हुए पुलिस विभाग ने "ऑपरेशन तलाश" के माध्यम से बड़ी सफलता अर्जित की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के कुशल निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत अकेले अप्रैल माह में जिले भर से लापता हुए 251 व्यक्तियों को खोज निकाला गया है। पुलिस की इस सक्रियता से न केवल बिछड़े हुए लोग अपने परिजनों से मिले, बल्कि कई घरों में खुशियाँ फिर से लौट आईं।

अभियान के मुख्य आंकड़े और सफलता

अप्रैल माह के दौरान दस्तयाब किए गए कुल 251 लोगों में 36 नाबालिग और 215 बालिग पुरुष व महिलाएँ शामिल हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि थाना लैलूंगा ने सर्वाधिक 42 व्यक्तियों को खोजने में सफलता प्राप्त की है। वहीं, थाना भूपदेवपुर का प्रदर्शन प्रतिशत के आधार पर सबसे शानदार रहा, जहाँ दर्ज सभी नाबालिगों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया।

अंतर्राज्यीय स्तर पर पुलिस की दबिश

रायगढ़ पुलिस की टीमें गुमशुदा बच्चों की तलाश में छत्तीसगढ़ की सीमाओं को पार कर दिल्ली, पंजाब (जालंधर), अंबिकापुर, डभरा और चंद्रपुर तक पहुँचीं। कई मामलों में पुलिस ने महज 24 से 48 घंटों के भीतर सफलता प्राप्त की। विशेष रूप से जूटमिल, पूंजीपथरा और कोतवाली पुलिस ने दूसरे राज्यों से नाबालिगों को सकुशल वापस लाकर उनके माता-पिता को सौंपा।

अपराधियों पर 'पॉक्सो' का प्रहार

पुलिस की कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रही। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर ले जाने और उनका शोषण करने वालों के खिलाफ कड़े वैधानिक कदम उठाए जा रहे हैं। बरामदगी के दौरान जिन मामलों में शारीरिक शोषण या अपहरण की पुष्टि हुई, उनमें आरोपियों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा गया है।

अधिकारियों का विशेष योगदान

इस पूरे अभियान की सफलता में जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर ने अभियान की विशेष मॉनिटरिंग की। साथ ही अनुविभागीय पुलिस अधिकारी खरसिया प्रभात पटेल, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी धरमजयगढ़ सिद्दांत तिवारी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के सतत पर्यवेक्षण के कारण ही जमीनी स्तर पर पुलिस टीमें सटीक कार्रवाई करने में सफल रहीं।

एसएसपी का संदेश

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कामयाबी पर टीम की सराहना करते हुए कहा कि नाबालिगों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और सोशल मीडिया संपर्कों पर नजर रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों के साथ अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

रिपोर्ट: मयंक श्रीवास्तव 

मुख्य संपादक,नारद एक्सप्रेस न्यूज