छत्तीसगढ़ के करदाताओं के लिए खुशखबरी, 27 जुलाई 2026 से नवा रायपुर में शुरू होगी GST ट्रिब्यूनल की नियमित सुनवाई

छत्तीसगढ़ के करदाताओं के लिए बड़ी राहत! नवा रायपुर में 27 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है GST अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की नियमित सुनवाई। पुराने टैक्स विवादों की ऑनलाइन ई-फाइलिंग और टोकन सिस्टम की पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

छत्तीसगढ़ के करदाताओं के लिए खुशखबरी, 27 जुलाई 2026 से नवा रायपुर में शुरू होगी GST ट्रिब्यूनल की नियमित सुनवाई

रायपुर (विशेष संवाददाता)। छत्तीसगढ़ के व्यापारियों, उद्योगपतियों और टैक्स सलाहकारों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक राहत की खबर है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े विवादों और अपीलों के त्वरित निपटारे के लिए राजधानी रायपुर में स्थापित 'गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल' (GSTAT) की स्टेट बेंच आगामी 27 जुलाई 2026 से नियमित सुनवाई (Regular Hearings) शुरू करने जा रही है

जीएसटीएटी (GSTAT) प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, रायपुर बेंच में सोमवार से शुक्रवार तक विभिन्न श्रेणियों के टैक्स मामलों की सुनवाई की जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के करदाताओं को अब बड़े टैक्स विवादों की अपील के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

नवा रायपुर के 'जीएसटी भवन' से होगा संचालन

प्रारंभिक चरण में इस न्यायाधिकरण (Tribunal) की कार्यवाही नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित 'वाणिज्यिक कर (GST) भवन' के नॉर्थ बी-ब्लॉक (अस्थायी परिसर) से संचालित की जाएगी। यहीं पर सभी पक्षों की अपीलों को सुना जाएगा और उनका वैधानिक निवारण किया जाएगा।

दूसरे राज्यों और हाई कोर्ट के चक्करों से मिलेगी मुक्ति

अब तक छत्तीसगढ़ में सेकंड अपीलेट अथॉरिटी (द्वितीय अपीलीय मंच) उपलब्ध नहीं होने के कारण कारोबारियों को करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) या टैक्स असेसमेंट से जुड़े विवादों के लिए सीधे छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर करनी पड़ती थी या फिर पड़ोसी राज्यों की बेंचों के चक्कर काटने पड़ते थे। रायपुर में इस बेंच के सक्रिय होने से:

  • प्रदेश के सभी 33 जिलों के टैक्सपेयर्स को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय मिलेगा।

  • कानूनी खर्च और समय में भारी कटौती होगी।

  • लंबित पड़े पुराने (Legacy) मामलों का निपटारा बेहद तेजी से हो सकेगा।

पोर्टल पर मिलेगी 'कॉज लिस्ट', घर बैठे जान सकेंगे तारीख

पारदर्शिता और सुगमता को बढ़ावा देने के लिए सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए गए मामलों की 'कॉज लिस्ट' (Cause List) ट्रिब्यूनल के आधिकारिक ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी। व्यापारी और उनके टैक्स एडवोकेट घर बैठे ही अपने केस का स्टेटस, सुनवाई की अगली तारीख और आदेशों की प्रति ऑनलाइन देख सकेंगे।

लंबित अपीलों के लिए 31 जुलाई तक का मौका, 'टोकन सिस्टम' भी शुरू

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने तकनीकी दिक्कतों और पोर्टल पर भारी रश को देखते हुए पुराने लंबित मामलों (Backlog Appeals) को दर्ज करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई 2026 तय की है।

इसके साथ ही, अंतिम समय में होने वाली सर्वर समस्याओं से करदाताओं को बचाने के लिए GSTAT पोर्टल पर एक 'टोकन-बेस्ड' सिस्टम लॉन्च किया गया है। यदि कोई करदाता 31 जुलाई तक पोर्टल पर न्यूनतम जानकारी देकर एक डिजिटल टोकन जनरेट कर लेता है, तो उसकी अपील को समय सीमा के भीतर माना जाएगा और उसे सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के लिए अगले 60 दिनों का अतिरिक्त समय मिल जाएगा।

टैक्स एक्सपर्ट्स ने छत्तीसगढ़ के सभी कारोबारियों से अपील की है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आधिकारिक वेबसाइट (efiling.gstat.gov.in) पर फॉर्म APL-05 के जरिए अपनी ई-फाइलिंग सुनिश्चित करें।

अस्वीकरण (Disclaimer)

महत्वपूर्ण सूचना: यह समाचार रिपोर्ट केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। जीएसटी (GST) नियमों, अपील की समय-सीमा, फीस और अपीलेट ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली में सरकार या जीएसटी काउंसिल द्वारा समय-समय पर संशोधन किए जा सकते हैं। किसी भी प्रकार की ई-फाइलिंग, कानूनी अपील या वित्तीय निर्णय लेने से पहले करदाता आधिकारिक जीएसटी पोर्टल (gst.gov.in / efiling.gstat.gov.in) पर जारी नवीनतम नोटिफिकेशन को अवश्य पढ़ें या अपने अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) / टैक्स सलाहकार से उचित परामर्श लें।