महतारी वंदन योजना: 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ट्रांसफर हुए 642 करोड़ रुपये, 30 जून तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य

महतारी वंदन योजना: 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में ट्रांसफर हुए 642 करोड़ रुपये, 30 जून तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य

छत्तीसगढ़ की विवाहित महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित 'महतारी वंदन योजना' के तहत एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में योजना की 28वीं किस्त जारी कर दी है। इस किस्त के माध्यम से प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि सीधे अंतरित (डीबीटी) की गई है।

जून 2026 में जारी इस 28वीं किस्त के साथ ही योजना के प्रारंभ (1 मार्च 2024) से लेकर अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।

महिलाओं का सम्मान और आत्मनिर्भरता हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा:

"महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।"

नियद नेल्लानार अभियान से जुड़ीं नई महिलाएं

सरकार की जनकल्याणकारी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर जैसे दूरस्थ व संवेदनशील क्षेत्रों में संचालित 'नियद नेल्लानार अभियान' के माध्यम से 7,770 नई महिलाओं को इस योजना से जोड़ा गया है, जिससे अंतिम छोर की महिलाओं तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ पहुंच रहा है।

महत्वपूर्ण अलर्ट: 30 जून तक ई-केवाईसी न होने पर कट सकता है नाम

योजना के सुचारू संचालन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग अब हितग्राहियों की सूची को अपडेट करने की कवायद में जुट गया है। इसके तहत सभी संबंधित हितग्राहियों को 30 जून तक ई-केवाईसी (e-KYC) कराने के निर्देश दिए गए हैं।

  • चॉइस सेंटरों पर कतारें: आदेश के बाद चॉइस सेंटरों में ई-केवाईसी कराने के लिए महिलाओं की भारी भीड़ देखी जा रही है।

  • 2,000 नाम होल्ड पर: वर्तमान में जिन 2,000 महिलाओं के नाम सूची से कटे हैं, यदि वे निर्धारित समय सीमा में ई-केवाईसी नहीं कराती हैं, तो उनका भुगतान पूरी तरह होल्ड पर रख दिया जाएगा।

  • बस्तर जिले पर विशेष फोकस: अकेले बस्तर जिले में योजना के कुल 1 लाख 90 हजार हितग्राही हैं, जिनमें से 47 हजार हितग्राहियों को एक महीने के भीतर अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। ऐसा न करने पर उनका नाम भी सूची से काटा जा सकता है।

सभी पात्र महिलाओं से अपील की जा रही है कि वे अपनी आगामी किस्तों को बिना रुकावट पाने के लिए 30 जून से पहले नजदीकी चॉइस सेंटर जाकर अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया अवश्य पूरी कर लें।

कंचन यादव 

सहसंपादक/नारद एक्स्प्रेस न्यूज